गौतमबुद्धनगर में किसानों का हुंकार: सर्किल रेट बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर 21 जुलाई को कलेक्ट्रेट पर भाकियू का बड़ा प्रदर्शन, डीएम को सौंपा जाएगा ज्ञापन!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेतृत्व में मंगलवार, 21 जुलाई को कलेक्ट्रेट, सूरजपुर पर किसानों का विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान जिलाधिकारी को किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं लंबित मांगों से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन का कहना है कि यह केवल एक धरना-प्रदर्शन नहीं, बल्कि किसानों के हक, अधिकार, सम्मान और न्याय की लड़ाई है।
भाकियू के अनुसार लंबे समय से जिले में सर्किल रेट में बढ़ोतरी न होने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा जमीनों के बैनामा, म्यूटेशन (नामांतरण) और जिलाधिकारी स्तर से संबंधित अन्य प्रशासनिक समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हो पा रहा है। इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर संगठन प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखेगा।
प्रदर्शन के दौरान किसानों पर दर्ज किए जा रहे कथित झूठे मुकदमों को वापस लेने, भूमि अधिग्रहण के मामलों में 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर, 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, विस्थापन नीति में संशोधन, किसान परिवारों के बच्चों को रोजगार उपलब्ध कराने, निजी स्कूलों, कॉलेजों एवं अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगाने, बिजली विभाग की कार्यशैली में सुधार तथा किसानों की भूमि की सुरक्षा सहित कई अहम मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता पवन खटाना ने कहा कि यह आंदोलन किसानों के स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई है। वर्षों से लंबित किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कई बार प्रशासन से मांग की गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई को जिलाधिकारी को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर किसानों की सभी प्रमुख मांगों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की मांग की जाएगी। यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो भारतीय किसान यूनियन आगे भी चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने जिले के सभी किसानों और मजदूरों से अधिक से अधिक संख्या में कलेक्ट्रेट, सूरजपुर पहुंचकर आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने की अपील की।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) गौतमबुद्धनगर के युवा अध्यक्ष ललित चौहान ने बताया कि जिले के किसानों की अनेक समस्याएं वर्षों से लंबित हैं, जिनमें सर्किल रेट में वृद्धि, बैनामा और म्यूटेशन से जुड़ी समस्याएं प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा का आंदोलन है। किसान अपनी जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेंगे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे।
ललित चौहान ने जिले के सभी किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि "किसानों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। जब किसान एक मंच पर खड़े होंगे, तभी उनकी आवाज मजबूती से शासन-प्रशासन तक पहुंचेगी और किसानों को उनका अधिकार मिल सकेगा।"
भारतीय किसान यूनियन ने दावा किया है कि जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियों में जुट गया है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।।
