गौतमबुद्धनगर:आईजीएल कर्मचारी बनकर 21.27 लाख की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार!!
दो टूक//नोएडा: गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आईजीएल कंपनी का कर्मचारी बनकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और अभिसूचना संकलन के आधार पर कार्रवाई करते हुए 21.27 लाख रुपये की साइबर ठगी में संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
फर्जी लिंक भेजकर मोबाइल का एक्सेस हासिल किया, फिर उड़ाए लाखों रुपये
पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों ने खुद को आईजीएल कंपनी का कर्मचारी बताकर पीड़ित से संपर्क किया। बिल भुगतान के नाम पर एक फर्जी लिंक भेजा गया, जिस पर क्लिक करते ही पीड़ित के मोबाइल का अनधिकृत एक्सेस साइबर ठगों के पास पहुंच गया। इसके बाद आरोपियों ने विभिन्न माध्यमों से लगभग 21.27 लाख रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया।
कमीशन के लालच में उपलब्ध कराते थे अपने क्रेडिट कार्ड
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी साइबर अपराधियों को 10 से 20 प्रतिशत कमीशन के बदले अपने क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराते थे, ताकि ठगी की रकम उन कार्डों के माध्यम से ट्रांसफर की जा सके। पुलिस के अनुसार आरोपी सचिन कुमार के क्रेडिट कार्ड में 1,49,490 रुपये तथा आरोपी शहनवाज शेख के कार्ड में कुल 4,78,000 रुपये (2,56,000 और 2,22,000 रुपये) की ठगी की रकम प्राप्त हुई। वहीं आरोपी शिवम पाण्डेय और शुभम कुमार सिंह भी साइबर अपराधियों को अपने क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराते थे। अब तक इनके खातों में करीब 6.5 लाख रुपये आने की पुष्टि हुई है।
चारों आरोपी नोएडा से गिरफ्तार
थाना साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सचिन कुमार निवासी क्रॉसिंग रिपब्लिक, गाजियाबाद, शहनवाज शेख, शिवम पाण्डेय और शुभम कुमार सिंह निवासी बिसरख, गौतमबुद्धनगर को नोएडा से गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जा रहा था।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि इस मामले में थाना साइबर क्राइम में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है। पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। बरामद मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जाएगी।
पुलिस ने जारी की साइबर सुरक्षा एडवाइजरी
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिल भुगतान, केवाईसी अपडेट या बैंक संबंधी किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी व्यक्ति द्वारा स्वयं को बैंक या किसी कंपनी का अधिकारी बताने पर उसकी सत्यता आधिकारिक माध्यम से अवश्य जांच लें। मोबाइल में किसी भी ऐप को बिना आवश्यकता स्क्रीन शेयर या एक्सेसिबिलिटी की अनुमति न दें तथा ओटीपी, पासवर्ड, एटीएम या क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
पुलिस ने यह भी चेतावनी दी कि थोड़े से कमीशन या लालच के लिए अपना बैंक खाता या क्रेडिट कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराना भी साइबर अपराध में सहभागिता माना जाता है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई के साथ दंड का सामना करना पड़ सकता है। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो वह तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करे या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए।।
