गुरुवार, 16 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर: साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को बड़ी राहत: कासना साइबर हेल्प डेस्क ने लौटाए 2.08 लाख रुपये, पुलिस की त्वरित कार्रवाई रंग लाई!!

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गौतमबुद्धनगर: साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को बड़ी राहत: कासना साइबर हेल्प डेस्क ने लौटाए 2.08 लाख रुपये, पुलिस की त्वरित कार्रवाई रंग लाई!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//ग्रेटर नोएडा। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की साइबर अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम एक बार फिर रंग लाई है। थाना कासना की साइबर हेल्प डेस्क ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित के 2,08,723.20 रुपये सफलतापूर्वक वापस कराकर उसे बड़ी राहत दिलाई। पुलिस की इस तत्परता से पीड़ित ने राहत की सांस ली और गौतमबुद्धनगर पुलिस का आभार व्यक्त किया।

पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में कमिश्नरेट पुलिस लगातार साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आम नागरिकों को डिजिटल ठगी से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चला रही है। साथ ही साइबर अपराध की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।

इसी क्रम में थाना कासना को एनसीआरबी पोर्टल के माध्यम से एक शिकायत प्राप्त हुई, जिसमें एक व्यक्ति के साथ 3.15 लाख रुपये की साइबर ठगी किए जाने की जानकारी दी गई थी। शिकायत मिलते ही थाना कासना की साइबर हेल्प डेस्क सक्रिय हो गई और संबंधित बैंक एवं अन्य एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई शुरू की।

लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस ने पीड़ित के 2,08,723.20 रुपये सुरक्षित वापस उसके बैंक खाते में ट्रांसफर करा दिए। समय रहते की गई कार्रवाई के कारण बड़ी धनराशि रिकवर हो सकी।

अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर पीड़ित ने गौतमबुद्धनगर पुलिस, विशेषकर थाना कासना साइबर हेल्प डेस्क की सराहना करते हुए उनका धन्यवाद व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। समय पर शिकायत दर्ज होने से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

गौतमबुद्धनगर पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ आमजन को जागरूक करना भी उनकी प्राथमिकता है, ताकि डिजिटल माध्यमों से होने वाली ठगी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।।