बुधवार, 22 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा प्राधिकरण की सख्ती: सेक्टर-19 में अतिक्रमण नहीं हटाने वालों पर कड़ा रुख, जलभराव या हादसे के लिए भवन स्वामी होंगे जिम्मेदार!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा प्राधिकरण की सख्ती: सेक्टर-19 में अतिक्रमण नहीं हटाने वालों पर कड़ा रुख, जलभराव या हादसे के लिए भवन स्वामी होंगे जिम्मेदार!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सेक्टर-19 में सड़क और नालियों पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समय के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने वाले भवन स्वामियों के कारण यदि बारिश में जलभराव या कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित भवन आवंटी की होगी।

प्राधिकरण की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 18 जुलाई 2026 को अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (वीटी) ने वर्क सर्किल-2 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सेक्टर-19 के ए, बी एवं सी ब्लॉक में बड़ी संख्या में भवन स्वामियों ने नालियों और सड़क की पटरियों पर अवैध अतिक्रमण कर रखा है।

निरीक्षण में सामने आया कि अतिक्रमण के कारण नालियों की नियमित एवं प्रभावी सफाई नहीं हो पा रही है, जिससे बरसात के समय सड़कों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। इससे न केवल आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

प्राधिकरण ने संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए दो दिन का समय दिया था। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद जिन स्थानों से अतिक्रमण हटा लिया गया है, वहां नालियों की सफाई का कार्य तेजी से कराया जा रहा है ताकि वर्षा जल की निकासी सुचारु रूप से हो सके।

वहीं, जिन भवन स्वामियों ने अभी तक अतिक्रमण नहीं हटाया है, उनके प्रति प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वर्षा के दौरान ऐसे स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनती है या कोई अप्रिय दुर्घटना घटित होती है, तो उसकी जिम्मेदारी पूरी तरह संबंधित भवन आवंटी की होगी।

नोएडा प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक नालियों, सड़क की पटरियों और सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को स्वयं हटाएं तथा शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और जलभराव मुक्त बनाने में सहयोग करें। प्राधिकरण का कहना है कि भविष्य में भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान जारी रहेगा और सार्वजनिक सुविधाओं में बाधा बनने वाले अतिक्रमण के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।।