गौतमबुद्धनगर: 15 दिन में समाधान नहीं तो होगा बड़ा किसान आंदोलन: दादरी तहसील पर गरजे भाकियू और संयुक्त किसान मोर्चा, ट्रैक्टर पदयात्रा के बाद प्रशासन को सौंपा मांगपत्र!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा/दादरी। संयुक्त किसान मोर्चा एवं भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय आह्वान पर मंगलवार को दादरी तहसील परिसर किसानों के विशाल जुटान का साक्षी बना। ट्रैक्टरों के साथ निकाली गई पदयात्रा, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और किसान पंचायत के माध्यम से किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय मांगों के साथ-साथ दादरी तहसील क्षेत्र से जुड़े किसान हित और जनहित के अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए विस्तृत ज्ञापन उप जिलाधिकारी अभिनेंद्र सिंह, तहसीलदार के.के. चौरसिया तथा दादरी थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार को सौंपा गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ किसान नेता चौधरी चरण सिंह भाटी ने की, जबकि संचालन विकास गुर्जर ने किया। पदयात्रा में बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ शामिल हुए और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को बुलंद किया।
सभा को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के एनसीआर अध्यक्ष परविंदर अवाना ने कहा कि किसान केवल अपने अधिकारों और सम्मानजनक जीवन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए किसान लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण किसानों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाकियू किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी और यदि आवश्यक हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
वहीं भाकियू गौतमबुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने प्रशासन को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि अब किसानों की समस्याओं को और अधिक समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, राजस्व संबंधी मामलों में देरी, अवैध वसूली और ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याएं किसानों के धैर्य की परीक्षा ले रही हैं। अशोक भाटी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर ज्ञापन में शामिल मांगों पर प्रभावी कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो भारतीय किसान यूनियन व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस दौरान किसान नेताओं ने अधिकारियों के साथ विस्तार से वार्ता करते हुए किसानों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
प्रमुख मांगें
- दाखिल-खारिज में व्याप्त भ्रष्टाचार पर तत्काल रोक लगाकर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई।
- आय, जाति एवं निवास प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए।
- नोटिस एवं मुकदमों के नाम पर किसानों से की जा रही अवैध वसूली तत्काल बंद हो।
- भूमि पैमाइश एवं लंबित राजस्व मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण।
- नोएडा क्षेत्र के गांवों के राजस्व अभिलेखों में दर्ज नोएडा प्राधिकरण की अनुचित प्रविष्टियों की समीक्षा।
- ग्राम कोट, डेरीन, सेथली, छोटा नगला सहित सभी गांवों के तालाबों का गहरीकरण, सफाई एवं सौंदर्यीकरण।
- शंकरमनी भूमि एवं पट्टों से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र न्यायपूर्ण निस्तारण।
- विधवा, वृद्धावस्था एवं दिव्यांग पेंशन सहित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए विशेष शिविर।
- स्थानीय युवाओं को कौशल विकास योजनाओं से जोड़कर उद्योगों में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार।
- नोएडा क्षेत्र के गांवों में मकान निर्माण के दौरान होने वाली अवैध धन उगाही पर रोक।
- दादरी उपमंडी (बादलपुर) का आधुनिकीकरण एवं नियमित संचालन।
- ग्राम कोट-डेरीन हाईवे पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए शीघ्र अंडरपास का निर्माण।
किसान पंचायत में उपस्थित किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया तो किसान बड़े स्तर पर लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखते हुए प्रशासन से जनहित एवं किसान हित के मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।।
