लखनऊ :
लूट का शातिराना अंदाज,तीन गिरफ्तार,लूट के एक लाख 92 हजार बरामद।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के मदेयगंज थाना क्षेत्र में दुकानदार को सस्ते दाम पर डिस्पोजल सामान उपलब्ध कराने का लालच देकर 2.50 लाख रुपये की लूट करने वाले गिरोह का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों खंगालते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार घटना का खुलासा किया। मदेयगंज पुलिस ने तीन शातिर आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से ₹1.92 लाख नकद बरामद किए हैं, जबकि गिरोह का एक अन्य सदस्य नकदी लेकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
●ऐसे रची गई लूट की पूरी साजिश।
पुलिस के अनुसार पारा थाना क्षेत्र के मायापुरम निवासी महेन्द्र कुमार, ठाकुरगंज के एकता नगर चौराहे पर दोना-पत्तल एवं डिस्पोजल सामग्री की दुकान चलाते हैं। कुछ दिन पहले उनकी दुकान पर एक व्यक्ति आया, जिसने अपना नाम मोहन शेख बताते हुए स्वयं को थोक व्यापारी बताया। उसने पक्का पुल, मदेयगंज में गोदाम होने की बात कहकर बाजार से काफी कम कीमत पर लगभग ₹2.50 लाख का माल देने का झांसा दिया।
20 जुलाई 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे महेन्द्र कुमार सौदे के लिए 2.50 लाख रुपये लेकर पक्का पुल पहुंचे। फोन पर संपर्क करने के बाद उन्हें बंधा रोड स्थित संझिया घाट के पास बुलाया गया, जहां पहले से दो अन्य साथी मौजूद थे। जैसे ही पीड़ित ने अपनी बाइक की डिग्गी खोलकर रुपये निकाले, तीनों आरोपियों ने रुपये से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए।
●24 घंटे में पुलिस ने खोला पूरा मामला।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त मध्य के निर्देशन में मदेयगंज पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र और मुखबिर की मदद से आरोपियों की पहचान की गई।
मंगलवार को करीब 11:30 बजे पुलिस ने पक्का पुल के नीचे गोमती नदी किनारे से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—
मोहन शेख (38 वर्ष), मूल निवासी नदिया (पश्चिम बंगाल), वर्तमान पता बवाना, दिल्ली। सोहेल (29 वर्ष), मूल निवासी उत्तर 24 परगना (पश्चिम बंगाल), वर्तमान निवासी खदरा, मदेयगंज, लखनऊ।राकिब (28 वर्ष), मूल निवासी नदिया (पश्चिम बंगाल)।के रूप में हुई है।
●पूछताछ में खुला गिरोह का बड़ा राज।
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी मोहन शेख ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर दुकानदारों को सस्ते दामों पर सामान देने का लालच देता था। भरोसा जीतने के बाद उन्हें सुनसान स्थान पर बुलाकर नकदी लूट ली जाती थी।
●लूट का बांटते वक्त चढ़े पुलिस के हत्थे।
गिरोह का एक सदस्य अनवर आस-पास निगरानी कर रहा था। वारदात के बाद चारों आरोपी रुपये बांटने के लिए एकत्र हुए, लेकिन तभी पुलिस पहुंच गई। पुलिस को देखकर अनवर नकदी की एक गड्डी लेकर फरार हो गया, जबकि तीन आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
●1.92 लाख नकद बरामद,फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ₹1,92,000 नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि शेष रकम लेकर फरार हुए आरोपी अनवर की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही गिरोह के आपराधिक इतिहास की जानकारी अन्य जिलों और राज्यों से भी जुटाई जा रही है।
●गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमा।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 309(2) एवं 317(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
●थानाध्यक्ष के नेतृत्व में मिली सफलता।
इस पूरे ऑपरेशन को थानाध्यक्ष अनुज कुमार तिवारी के नेतृत्व में मदेयगंज पुलिस टीम ने अंजाम दिया। सीसीटीवी विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई के चलते पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर लूट की घटना का सफल अनावरण कर बड़ी सफलता हासिल की।
