रविवार, 26 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर: सेक्टर-150 की एल्डिको सोसाइटी में जहरीली गैस का कहर: एसटीपी टैंक में दम घुटने से दो कर्मचारियों की मौत, लापरवाही के आरोप में ठेकेदार गिरफ्तार!!

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गौतमबुद्धनगर: सेक्टर-150 की एल्डिको सोसाइटी में जहरीली गैस का कहर: एसटीपी टैंक में दम घुटने से दो कर्मचारियों की मौत, लापरवाही के आरोप में ठेकेदार गिरफ्तार!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। ग्रेटर नोएडा के थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित सेक्टर-150 की एल्डिको सोसाइटी में शनिवार देर रात एक दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से पहले एक कर्मचारी बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए टैंक में उतरा सिक्योरिटी गार्ड भी गैस से बेहोश हो गया। दोनों को पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार, मृतक शशिकांत शर्मा (40 वर्ष) पुत्र ओमप्रकाश शर्मा, निवासी करौली (राजस्थान), एल्डिको सोसाइटी के एसटीपी टैंक की सफाई कर रहे थे। सफाई के दौरान वह टैंक के भीतर बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें बचाने के लिए आकाश (22 वर्ष) पुत्र भगवान सिंह, निवासी फिरोजाबाद, टैंक में उतरे, लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आने से वह भी बेहोश हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही थाना नॉलेज पार्क पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को टैंक से बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद पुलिस ने मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए दोनों शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

ठेकेदार गिरफ्तार, लापरवाही की जांच तेज

प्रारंभिक जांच में सामने आई लापरवाही के आधार पर थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने मामले में आरोपित ठेकेदार मनोज जैन (53 वर्ष), निवासी अंसल सुशांत एक्वापोलिस, क्रॉसिंग रिपब्लिक, गाजियाबाद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि एसटीपी टैंक की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

यह हादसा एक बार फिर सीवर और एसटीपी टैंकों की सफाई के दौरान सुरक्षा उपकरणों और मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा किट, ऑक्सीजन सपोर्ट और गैस परीक्षण जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई होतीं, तो शायद दो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है।।