लखनऊ :
TGT परीक्षा देते हुए चार फर्जी परीक्षार्थी हुए गिरफ्तार।
●दूसरों की जगह बैठकर दे रहे थे पेपर,जांच में खुली पोल।
दो टूक : उत्तर प्रदेश में आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा के दौरान बीते बुधवार को लखनऊ शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर चार फर्जी परीक्षार्थी जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए। चारो दूसरे की जगह बैठकर पेपर दे रहे थे । परीक्षा केन्द्रों में बायोमेट्रिक, फिंगरप्रिंट और फेस आईडी सत्यापन होने पर सच सामने आया परीक्षक ने चारो को पुलिस को सौप दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई कर रही है पकड़े गए आरोपी अम्बेडकरनगर, आजमगढ़, जौनपुर और प्रयागराज के रहने वाले हैं।
विस्तार :
पुलिस के अनुसार बुधवार को लखनऊ मे आयोजित टीजीटी परीक्षा के दौरान अलग अलग परीक्षा केन्द्रो से चार फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए है
●पहला -- थाना हुसैनगंज क्षेत्र स्थित बप्पा श्री नारायण वोकेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज चारबाग में आयोजित परीक्षा के बाद अभ्यर्थी विजय प्रताप सिंह के आधार कार्ड का सत्यापन किया गया। जांच में आधार नंबर और आवेदन के समय उपलब्ध कराए गए बायोमेट्रिक विवरण में अंतर मिला। इसके बाद पता चला कि जौनपुर निवासी राजेश प्रताप सिंह दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। परीक्षा केंद्र प्रशासन ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
● दूसरा - कोतवाली महानगर क्षेत्र के आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज, बादशाहनगर में भी परीक्षा समाप्त होने के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान गड़बड़ी सामने आई। अमरजीत सिंह के स्थान पर आजमगढ़ निवासी मनतेश सिंह परीक्षा देता पाया गया। फिंगरप्रिंट और फेस आईडी का मिलान नहीं होने पर उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया।
●तीसरा -- कोतवाली नाका हिंडोला क्षेत्र स्थित डीएवी डिग्री कॉलेज, आर्यनगर में दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान स्टेटिक मजिस्ट्रेट पारसनाथ पाल और कॉलेज प्रशासन की संयुक्त जांच टीम ने एक युवक को दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा। पूछताछ में उसकी पहचान प्रयागराज निवासी रंग बहादुर यादव के रूप में हुई। वह अवध राज यादव के स्थान पर परीक्षा दे रहा था।
●चौथा -- थाना अमीनाबाद क्षेत्र विद्यांत हिंदू इंटर कॉलेज, गौतमबुद्ध मार्ग में केंद्र व्यवस्थापक और प्रधानाचार्य की जांच टीम ने अंबेडकर नगर निवासी राम मनुज को पकड़ा। जांच में सामने आया कि वह जितेंद्र सिंह यादव के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। इसके बाद उसे अमीनाबाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
चारों मामलों में हुसैनगंज, महानगर, नाका हिंडोला और अमीनाबाद थानों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश-2024 के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर फर्जीवाड़े के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश 2024 पंजीकृत कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई मे जुटी हुई है।
