गोण्डा- उप्र के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देवीपाटन मंडल के आयुक्त सभागार में देवीपाटन व बस्ती मंडल के जनप्रतिनिधियों के साथ PWD की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना को लेकर अहम बैठक की। बैठक में गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर के जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की प्रमुख विकास परियोजनाओं, अधोसंरचना संबंधी जरूरतों और जनअपेक्षाओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा।
बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा प्राप्त विकास प्रस्तावों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनकी प्राथमिकता तय करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विधायक अपने अपने क्षेत्र के सांसदों के साथ बैठकर प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण करें और प्राथमिकता के आधार पर एक अंतिम सूची तैयार कर लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा प्राप्त प्रस्तावों का शीघ्र संकलन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए तथा आवश्यक स्वीकृतियों के लिए उसे शासन को प्रेषित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय स्थानीय आवश्यकताओं, क्षेत्रीय संतुलन और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्गों के उन्नयन, बड़े एवं छोटे पुलों के निर्माण, रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) एवं अंडरपास (आरयूबी), धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों, फ्लाईओवर निर्माण, सड़क सुरक्षा और ब्लैक स्पॉट सुधार संबंधी प्रस्तावों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़कों से जोड़ने, चीनी मिलों तक बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने तथा सिंगल कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाले प्रस्तावों को प्राथमिकता देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि प्रत्येक क्षेत्र तक गुणवत्तापूर्ण सड़क संपर्क उपलब्ध हो, जिससे आमजन को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके तथा आर्थिक गतिविधियों को गति प्राप्त हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क एवं सेतु निर्माण की सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण कराई जाएं।
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से थारू समुदाय एवं नेपाल सीमा से सटे ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों की संपर्क व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। साथ ही सड़कों के रखरखाव, मरम्मत एवं सुधार कार्यों में तेजी लाने पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित विकास परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा, आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनेगा तथा कृषि, व्यापार, उद्योग एवं पर्यटन को नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि विकास परियोजनाओं के भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रमों में संबंधित जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए तथा सभी कार्य पूरी पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ संपादित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से क्षेत्रीय विकास की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर प्रस्तुत करने का आह्वान करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के सुझाव ही प्रदेश के समग्र एवं संतुलित विकास की आधारशिला हैं।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र, सांसद कैसरगंज करण भूषण सिंह, विधायक मनकापुर रमापति शास्त्री, विधायक कटरा बाजार बावन सिंह, विधायक तरबगंज प्रेम नारायण पांडे, विधायक गोंडा सदर प्रतीक भूषण सिंह, विधायक गौरा प्रभात वर्मा, विधायक मेहनौन विनय कुमार द्विवेदी, विधायक करनैलगंज अजय सिंह, एमएलसी अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह तथा देवीपाटन एवं बस्ती मंडल के सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि, आयुक्त देवीपाटन मंडल, आयुक्त बस्ती मंडल, जिलाधिकारी गोण्डा, जिलाध्यक्ष भाजपा अकबाल बहादुर तिवारी तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
