गुरुवार, 25 जून 2026

मऊ :निर्जला एकादशी व्रत रखकर महिलाओं ने भगवान विष्णु की किया पूजन अर्चन और दान।||Mau:Women observed the Nirjala Ekadashi fast and offered prayers and donations to Lord Vishnu.||

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मऊ :
निर्जला एकादशी व्रत रखकर महिलाओं ने भगवान विष्णु की किया पूजन अर्चन और दान।
दो टूक : मऊ जनपद के कोपागंज विकास खंड के विभिन्न गांवों में वृहस्पतिवार को निर्जला एकादशी व्रत रखकर पूजन अर्चन किया गया।
विस्तार :
निर्जला एकादशी के श्रद्धालुओं ने वत रखकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना रहा।इस अवसर पर महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, परिवार की सुख-समृद्धि और घर-परिवार में खुशहाली की कामना के साथ निर्जला एकादशी का कठिन व्रत रखा। व्रतधारी महिलाओं के अनुसार, यह वर्ष के सबसे कठिन व्रतों में से एक है। इसमें महिलाएं सूर्योदय से लेकर अगले दिन पारण तक अन्न और जल का त्याग कर भगवान विष्णु का स्मरण करती हैं।भारतीय संस्कृति में यह व्रत केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और आत्मसंयम का प्रतीक है। मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत रखने से पूरे वर्ष की सभी एकादशियों का पुण्य फल प्राप्त होता है और ज्ञात-अज्ञात पापों का नाश होता है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है। महाभारत काल में पांडव पुत्र भीमसेन के लिए सभी एकादशियों का व्रत करना कठिन था। तब महर्षि दव्यास ने उन्हें केवल निर्जला एकादशी का कठोर व्रत रखने का उपदेश दिया था, जिससे इस व्रत का महत्व और बढ़ गया।स्नान और पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य भी किया। इंदारा गांव में गोलू पान्डेय के दरवाजे पर गांव इकट्ठा होकर महिलाओं ने जल से भरे घड़े, फल, वस्त्र और अन्य उपयोगी सामग्री का दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।और पंडित जी द्वारा एकादशी व्रत की कथा सुनाई गई।श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिन किया गया दान अक्षय फल प्रदान करता है।इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रतिभा सिहं,पुप्पा सिहं,सहित दर्जनों महिलाए मौजूद रहीं ।