मऊ :
मंत्री ए.के. शर्मा के बयान पर भड़के सांसद राजीव राय,कार्यक्रम के दौरान बढ़ा सियासी तनाव।।
।।देवेन्द्र कुशवाहा।।
दो टूक : मऊ जंक्शन पर नई ट्रेन के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के एक बयान पर घोसी से सांसद राजीव राय नाराज हो गए। कार्यक्रम में दोनों नेताओं की मौजूदगी के बीच मंच से दिए गए एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद सांसद ने अपनी नाराजगी जाहिर की और कार्यक्रम समाप्त होने से पहले ही वहां से निकल गए।
रेलवे द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में दो ट्रेनों के विस्तार और एक नई ट्रेन के उद्घाटन का आयोजन किया गया था। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा और सांसद राजीव राय को आमंत्रित किया गया था।
कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में पहुंचे सपा कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल में प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी तथा धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को बस में बैठाकर पुलिस लाइन भेज दिया।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सांसद राजीव राय को कुछ समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया गया। मंच पर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और कार्यक्रम आगे बढ़ा। हालांकि ऊर्जा मंत्री के संबोधन के दौरान माहौल फिर गर्म हो गया। नारेबाजी के बीच मंत्री ने कहा कि “ऊर्जा बचाकर रखिए, अगर कोई प्लॉट कब्जा कर ले तो यह काम आएगी।” इस टिप्पणी के बाद सांसद राजीव राय अपनी सीट से खड़े हो गए और रेलवे अधिकारियों से आपत्ति दर्ज कराई।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद राजीव राय ने आरोप लगाया कि उन्हें मंच पर बुलाकर अपमानित किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में उनके समर्थकों और महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। वहीं प्लॉट कब्जाने संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप लगाने वाले स्वयं जवाब दें।
गौरतलब है कि लगभग एक महीने पहले भी दोहरीघाट में मेमू ट्रेन के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा और सांसद राजीव राय के समर्थकों के बीच विवाद सामने आया था। ऐसे में एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच बढ़ी तल्खी ने जिले की राजनीति को चर्चा में ला दिया है।
