मऊ :
राम मंदिर दानपत्र चोरी मामले में भाजपा एमएलसी ने पीएम को लिखा पत्र,कार्यवाही की मांग।
दो टूक : उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य एवं गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने दो पूर्व मीडिया को बयान दिया था कि राम मंदिर में चंदा चोरी मामले में ट्रस्टी चंपत राय और अनिल मिश्रा डकैत है इनकी जगह जेल है। वही आज इन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर प्रभु श्रीराम मंदिर के दानपत्र चोरी प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा मंदिर ट्रस्ट में बदलाव की मांग की है।
30 जून 2026 को लिखे गए पत्र में उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम मंदिर करोड़ों देशवासियों की आस्था का केंद्र है। मंदिर के दानपत्र की चोरी की घटना से पूरे देश में चिंता और आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने में विफल रहे हैं। उनका कहना है कि घटना की जानकारी पहले से होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
पत्र में उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण भारत के कई प्रमुख मंदिरों में वर्षों से ऐसी घटनाएं नहीं हुई हैं, इसलिए राम मंदिर प्रबंधन को भी बेहतर व्यवस्था स्थापित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास तभी कायम रहेगा जब जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में देवेंद्र प्रताप सिंह ने तीन प्रमुख सुझाव दिए हैं—
श्रीराम ट्रस्ट में प्रभु श्रीराम के वंशजों को प्राथमिकता के आधार पर स्थान दिया जाए।
राम मंदिर आंदोलन में प्राणों की आहुति देने वाले लोगों के परिजनों को ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व दिया जाए।
राम मंदिर निर्माण आंदोलन का नेतृत्व करने वाले लोगों एवं उनके परिवारों को ट्रस्ट की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
पत्र के माध्यम से उन्होंने मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
