मऊ :
सरयू नदी में बाढ़ आपदा को लेकर दोहरीघाट में मॉक ड्रिल, प्रशासन ने परखी तैयारियां।
दो टूक : मऊ जनपद के घोसी इलाके के आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए थाना दोहरीघाट क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे बाढ़ आपदा से निपटने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशासन, पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास कर आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया।
विस्तार :
गुरुवार को सरयू नदी तट दोहरी घाट में संभावित बाढ़ क्षेत्र मे राहत बचाव को लेकर एंजेसियों के द्वारा आगामी मानसून और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए थाना दोहरीघाट क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे बाढ़ आपदा से निपटने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशासन, पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास कर आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया।
मॉक ड्रिल में बाढ़ जैसी आपात स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, त्वरित राहत पहुंचाने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि बरसात के मौसम में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी सतर्कता और तत्परता बनाए रखें।
कार्यक्रम के दौरान एसडीएम घोसी अशोक सिंह, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह, तहसीलदार घोसी धर्मेंद्र पांडेय तथा थाना प्रभारी दोहरीघाट संजय त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में समय पर कार्रवाई और बेहतर समन्वय से जनहानि एवं नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। में बाढ़ जैसी आपात स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, त्वरित राहत पहुंचाने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि बरसात के मौसम में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी सतर्कता और तत्परता बनाए रखें।
कार्यक्रम के दौरान एसडीएम घोसी अशोक सिंह, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह, तहसीलदार घोसी धर्मेंद्र पांडेय तथा थाना प्रभारी दोहरीघाट संजय त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में समय पर कार्रवाई और बेहतर समन्वय से जनहानि एवं नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
