शनिवार, 27 जून 2026

लखनऊ :एग्रीमेंट कराने का झांसा देकर चार जालसाजो ने दलित किसान की पूरी जमीन करायी रजिस्ट्री,केस दर्ज।||Lucknow:Four fraudsters duped a Dalit farmer into registering his entire land under the pretense of signing an agreement; a case has been registered.||

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लखनऊ :
एग्रीमेंट कराने का झांसा देकर चार जालसाजो ने दलित किसान की पूरी जमीन करायी रजिस्ट्री,केस दर्ज।
दो टूक : न्यायालय के आदेश पर प्रॉपर्टी डीलर समेत चार आरोपियों पर धोखाधड़ी,जालसाजी व एससी/एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओ में मोहनलालगंज कोतवाली में दर्ज हुआ मुकदमा।
विस्तार :
मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र थाना निगोहां इलाके के अमिलिहाखेड़ा गांव के एक दलित किसान की पांच बिस्वा जमीन का सौदा तय कर एग्रीमेंट कराने की बजाय जालसाजो ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पूरी दस बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री करा ली।मामले में न्यायालय के आदेश पर मोहनलालगंज पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।निगोहां के अमिलिहाखेड़ा गांव निवासी दलित किसान पवन कुमार के अनुसार वर्ष 2019 में उसकी पांच बिस्वा जमीन का सात लाख रुपये में सौदा राजेश कुमार निवासी पपनामऊ, चिनहट के पक्ष में तय हुआ था। आरोप है कि यह सौदा प्रॉपर्टी डीलर विकास पाठक (सरवन इंफ्राजोन प्राइवेट बिल्डर्स, चिनहट), राहुल पाल तथा दीपांशु द्विवेदी निवासी निगोहां के माध्यम से कराया गया।किसान का आरोप है कि 26 जुलाई 2019 को उसे शराब पिलाकर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय ले जाया गया। वह अनपढ़ होने के कारण दस्तावेजों को समझ नहीं सका और पांच बिस्वा जमीन का एग्रीमेंट कराने की बजाय उसकी पूरी दस बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई। आरोप है कि उसके खाते में ट्रांसफर किए गए डेढ़ लाख रुपये भी आरोपियों ने गलती से पैसा आने की बात कहकर अपने साथियों के माध्यम से निकलवा लिए।पीड़ित के मुताबिक, कुछ समय बाद जब वह मकान निर्माण के लिए जमीन पर ऋण लेने बैंक पहुंचा और तहसील से खतौनी निकलवाई, तब उसे पता चला कि उसकी पूरी जमीन राजेश कुमार के नाम दर्ज हो चुकी है। इसके बाद उसने निगोहां थाने सहित पुलिस के उच्च अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
किसान ने आरोप लगाया कि शिकायत की जानकारी मिलने पर प्रॉपर्टी डीलर विकास पाठक ने अपने साथियों के साथ उसे बुलाकर जातिसूचक गालियां दीं और दोबारा शिकायत करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।पुलिस से राहत न मिलने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुये लखनऊ पुलिस को आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए।
 प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रॉपर्टी डीलर समेत चार आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी, एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।