रविवार, 21 जून 2026

गौतमबुद्धनगर: गरीब मजदूर के नवजात की मौत पर भड़का आक्रोश, मार्क हॉस्पिटल पर भाकियू लोकशक्ति का धरना; पीड़ित को दिलाया गया खर्च का पैसा वापस!!

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गौतमबुद्धनगर: गरीब मजदूर के नवजात की मौत पर भड़का आक्रोश, मार्क हॉस्पिटल पर भाकियू लोकशक्ति का धरना; पीड़ित को दिलाया गया खर्च का पैसा वापस!!
 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// नोएडा के गांव मामूरा स्थित मार्क हॉस्पिटल में एक गरीब मजदूर के नवजात बच्चे की मौत और इलाज के नाम पर कथित रूप से अधिक धन वसूले जाने के आरोपों को लेकर रविवार को भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई।

भाकियू लोकशक्ति के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान ने बताया कि पवन नामक व्यक्ति गांव मामूरा में किराये पर रहकर मजदूरी करता है और अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। हाल ही में उसकी पत्नी ने एक सरकारी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। नवजात की तबीयत खराब होने पर सरकारी अस्पताल में आवश्यक मशीनों की उपलब्धता न होने के कारण डॉक्टरों की सलाह पर उसे मार्क हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

चौधरी बीसी प्रधान के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर पवन के पास इलाज के लिए पर्याप्त धन नहीं था। उसने अपनी पत्नी के कुंडल गिरवी रखकर बच्चे का उपचार शुरू कराया। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने दवाइयों सहित 24 घंटे के इलाज का खर्च लगभग 10 हजार रुपये बताया था, लेकिन बाद में उससे 20 से 25 हजार रुपये तक वसूल लिए गए। परिजनों का यह भी आरोप है कि भर्ती के दौरान उन्हें बच्चे से मिलने तक नहीं दिया गया, जबकि पवन लगातार अपने नवजात को देखने की मांग करता रहा।
बताया गया कि जब पवन ने बच्चे से मिलने अथवा उसे डिस्चार्ज करने की जिद की, तब अस्पताल प्रशासन ने पहले पूरा भुगतान जमा कराया। इसके बाद करीब दो घंटे बाद नवजात को परिजनों को सौंपा गया। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने बच्चे को गोद में लिया तो उसकी मौत हो चुकी थी। इस मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन और परिवार के बीच विवाद उत्पन्न हो गया।

मामले की जानकारी भाकियू लोकशक्ति के नोएडा महानगर उपाध्यक्ष अरुण गौतम को मिली, जिसके बाद वह देर रात अस्पताल पहुंचे। संगठन का आरोप है कि वहां उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बाद संगठन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन का ऐलान कर दिया।

रविवार को हुए धरने में बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। भाकियू लोकशक्ति के दबाव और पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल प्रबंधन एवं स्टाफ द्वारा कथित दुर्व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी गई। साथ ही पीड़ित परिवार द्वारा इलाज में खर्च की गई धनराशि भी वापस कराई गई।
चौधरी बीसी प्रधान ने कहा कि संगठन हमेशा गरीब, मजदूर और शोषित वर्ग की आवाज बनकर उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ता रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी अस्पताल को मरीजों और उनके परिजनों की मजबूरी का फायदा उठाकर आर्थिक शोषण करने का अधिकार नहीं है। यदि भविष्य में इस प्रकार की कोई घटना सामने आती है तो संगठन और भी बड़ा आंदोलन करेगा।

धरना-प्रदर्शन में धर्मवीर चौहान, महानगर अध्यक्ष महेश तवर, युवा अध्यक्ष राजकुमार मोनू, विजयपाल भाटी, सुधीर ठाकुर, मनोज शर्मा, सुनील बैसोया, शफीक, सन्नी, सुनील अम्बावता, महेश बैसोया, नीरज जाटव, प्रमोद प्रजापति, दीपक जाटव, विकास, ऋषभ, विशाल, पीयूष, रोहित हाजीपुर, कमल और हरीश सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।।