गौतमबुद्धनगर: योग दिवस पर सलारपुर में सनातन परंपरा का भव्य उत्सव, खेड़ा देवत पूजन व विशाल भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़!!
दो टूक//नोएडा, 21 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सलारपुर गांव में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। गांव में वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत खेड़ा देवत पूजन, वैदिक यज्ञ, हवन, कन्या पूजन एवं विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य प्रमोद शास्त्री द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खेड़ा देवत, भगवान गणेश, माता गौरी और महालक्ष्मी के पूजन से हुआ। यज्ञ एवं हवन के माध्यम से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, रोग-दोषों की शांति तथा समाज में खुशहाली की कामना की गई। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य यजमान भारतीय किसान यूनियन एवं अखिल भारतीय गुर्जर महासभा गौतमबुद्धनगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी रहे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराएं समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं। हमारे पूर्वजों द्वारा स्थापित धार्मिक परंपराएं आज भी लोगों को आस्था, संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश दे रही हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अशोक भाटी ने बताया कि सलारपुर के खेड़ा देवत के प्रति ग्रामवासियों की गहरी आस्था है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार खेड़ा देवत गांव और यहां रहने वाले लोगों की रक्षा करते हैं तथा उन पर अपनी विशेष कृपा बनाए रखते हैं। यही कारण है कि गांव के लोग हर वर्ष पूरे श्रद्धा भाव और उत्साह के साथ इस आयोजन को संपन्न कराते हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि गांव की एकता, भाईचारे और सामूहिक विश्वास का प्रतीक बन चुका है।
पूजन और हवन के उपरांत कन्या पूजन किया गया तथा विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीणों के साथ-साथ दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में सभी वर्गों और आयु वर्ग के लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
इस अवसर पर रूपचंद मुनीमजी, झलकेश बाबूजी, सुखबीर प्रधान, रिकी प्रधान, ओमन भाटी, सुभाष नेता, सिंहराज गुर्जर, जोगिंदर भड़ाना, विजेंद्र भड़ाना, कृपाल भगतजी, शोभाराम भाटी, सचिन अवाना, अजय गुर्जर, धर्मेंद्र शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक और सेवादार उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग करते हुए इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
योग दिवस के अवसर पर आयोजित यह धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम गांव की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और सामुदायिक एकजुटता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
