लखनऊ :
अवैध खनन में संलिप्त गैगेंस्टर से पूछताछ करने गयी पुलिस टीम से अभद्रता,भेजा जेल।।
दो टूक : गैगेंस्टर पर पुलिस की कार्यवाही से नाराज दिखे एक राजनैतिक दल से जुड़े अधिवक्ता,पुलिस पर दुर्व्यहार का आरोप लगाते हुये कोतवाली में किया प्रदर्शन,प्रभारी निरीक्षक के समझाने पर माने ।
विस्तार :
राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के कनकहा में अवैध मिट्टी खनन मामले में राजस्व विभाग द्वारा दर्ज कराये गये मुकदमें में गैगेंस्टर अरूण यादव की संलिप्ता सामने आने पर सोमवार को चौकी इंचार्ज नीमेश दुबे पुलिस टीम के साथ गैगेंस्टर अरूण यादव से पुछताछ करने उसके घर मानखेड़ा गांव पहुंचे जहां पर पुछताछ के दौरान गैगेंस्टर अरूण यादव खुद को जिला पंचायत सदस्य बताते हुये चौकी इंचार्ज समेत पुलिस टीम से भीड़ गया ओर अभद्रता करते हुये शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने लगा।चौकी इंचार्ज की सूचना पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची ओर गैगेंस्टर को थाने लाकर हवालात में बंद कर दिया।इस दौरान एक राजनैतिक दल से जुड़े कुछ अधिवक्ता गैगेंस्टर के बचाव में कोतवाली पहुंच गये ओर बगैर पूरा मामला जाने प्रभारी निरीक्षक पर उसे छोड़ने का दबाब बनाने लगे।प्रभारी निरीक्षक ने मना किया तो तहसील जाकर बार पदाधिकारियो से पुलिस द्वारा अभद्रता करने की बात कही जिसके बाद बार पदाधिकारियो समेत काफी संख्या में अधिवक्ता व एक राजनैतिक दल से जुड़े पदाधिकारी कोतवाली पहुंच गये ओर नाराजगी जताते हुये धरने पर बैठ गये ओर पुलिस के विरोध में नारेबाजी करने लगे।प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बार पदाधिकारियो समेत अधिवक्ताओ को पुलिस द्वारा गैगेंस्टर के विरूद्व की गयी कार्यवाही से अवगत कराया जिसके बाद नाराज अधिवक्ता संतुष्ट होकर धरना प्रदर्शन समाप्त कर चले गये।प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया अवैध खनन मामले में सलिप्ता पाये जाने पर गैगेंस्टर से पुलिस टीम पुछताछ करने गयी थी जहां पर टीम से गैगेंस्टर अभद्रता करते हुये शांति भंग करने की कोशिश की थी,गैगेंस्टर को थाने लाकर उसका शांतिभंग में चालान किया जा रहा था तभी एक राजनैतिक दल से जुड़े कुछ अधिवक्ताओ ने कोतवाली आकर गैगेंस्टर पर पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही पर नाराजगी जताते हुये चालान ना करने का दबाब बनाया तो उन्हे पूरी घटना से अवगत कराते हुये मना करते हुये शांतिभंग में चालान करने की बात बताई गयी।जिसके बाद उक्त अधिवक्ताओ ने तहसील जाकर बार पदाधिकारियो समेत अन्य अधिवक्ताओ से पुलिस द्वारा दुर्व्यहार किये जाने की बात बताई तो अधिवक्ता आक्रोशित हो गये ओर कोतवाली आकर धरने पर बैठ गये जिसके बाद पदाधिकारियो व अधिवक्ताओ को गैगेंस्टर पर की गयी पूरी कार्यवाही से अवगत कराया गया तो संतुष्ट हुये ओर प्रदर्शन समाप्त किया गया।इंस्पेक्टर ने बताया गैगेंस्टर का शांतिभंग में चालान करते हुये उसे जेल भेज दिया गया।
