लखनऊ :
विधवा की जमीन पर निर्माण रोकने, मारपीट व दीवार गिराने का आरोप, किसान यूनियन ने प्रदर्शन।
दो टूक : आरोपियों कार्रवाई न होने पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने कोतवाली में धरने पर बैठे,राजनीतिक संरक्षण के चलते कार्रवाई न होने का लगाया आरोप, अधिकारियों के आश्वासन पर समाप्त हुआ प्रदर्शन।
विस्तार :
मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के हुलासखेड़ा गांव में आबादी की जमीन पर निर्माण कार्य के दौरान विवाद हो गया। पीड़ित विधवा महिला ने विपक्षियों पर दीवार गिराने, मारपीट करने और वाहन क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न किए जाने से नाराज भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली परिसर में धरना-प्रदर्शन किया।
हुलासखेड़ा निवासी विधवा महिला मिथिलेश ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उन्होंने करीब 20 वर्ष पूर्व आबादी का एक प्लॉट खरीदा था। बुधवार को वह उक्त प्लॉट पर निर्माण कार्य करा रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान गांव के चक्रधर साहू अपने बेटों समेत परिवार के आधा दर्जन लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माणाधीन करीब पांच फीट ऊंची दीवार को गिरा दिया।
पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों से मारपीट की तथा उनका छोटा हाथी डाला भी क्षतिग्रस्त कर दिया। साथ ही दोबारा निर्माण कराने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़िता का कहना है कि घटना की शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इससे नाराज भाकियू नेता अनुराग त्रिवेदी पीड़िता, दर्जनों कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के साथ बुधवार शाम कोतवाली परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की।
धरने की सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
भाकियू नेता अनुराग त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि आरोपी एक राजनीतिक दल से जुड़ा होने के कारण पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी द्वारा उन्हें भी गोली मारने की धमकी दी गई थी, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
