गौतमबुद्धनगर: पांडव निर्जला एकादशी पर इस्कॉन नोएडा में उमड़ा आस्था का सैलाब, एक करोड़ से अधिक बार गूंजा हरे कृष्ण महामंत्र!!
दो टूक//नोएडा। पांडव निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर शुक्रवार, 26 जून 2026 को इस्कॉन नोएडा (गोविंद धाम एवं भक्तिवेदांत एकेडमी) में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों भक्तों ने भगवान श्री श्री राधा गोविंद देव के मंगल दर्शन कर अपने दिन की शुरुआत की और पूरे दिन मंदिर परिसर हरे कृष्ण महामंत्र के संकीर्तन से गुंजायमान रहा।
सुबह 4:30 बजे से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया। अत्यंत आकर्षक एवं दिव्य श्रृंगार से सुसज्जित श्री श्री राधा गोविंद देव के दर्शन के लिए भक्तों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। भक्तों ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव से भगवान के दर्शन कर एकादशी पर्व का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
इस शुभ अवसर पर प्रातः 5:30 बजे मंदिर के पूर्णतः वातानुकूलित सुधर्मा हॉल में अखंड जप का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने तुलसी महारानी की परिक्रमा करते हुए एक साथ बैठकर हरे कृष्ण महामंत्र का जप किया। शास्त्रों में तुलसी महारानी को भक्ति एवं प्रेम प्रदान करने वाली बताया गया है। इसी भावना के साथ विश्व शांति, मानव कल्याण और प्रेम के संदेश को समर्पित इस विशेष आयोजन में 500 से अधिक भक्तों ने सामूहिक रूप से जप में भाग लिया।
मंदिर में दिनभर अखंड हरिनाम संकीर्तन का आयोजन भी निरंतर चलता रहा। यह संकीर्तन शुक्रवार प्रातः 4:30 बजे आरंभ हुआ, जो शनिवार, 27 जून की सुबह 5:30 बजे तक लगातार जारी रहेगा। पूरे दिन मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं ने संकीर्तन और भजन में बढ़-चढ़कर सहभागिता की। दोपहर लगभग 3 बजे तक चले अखंड जप और लगातार हुए कीर्तन के माध्यम से एक करोड़ से अधिक बार हरे कृष्ण महामंत्र का उच्चारण भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में समर्पित किया गया।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार पांडव निर्जला एकादशी का पारण शनिवार को किया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों के लिए नि:शुल्क शीतल एवं मधुर शरबत वितरण का विशेष आयोजन रखा गया है। इस वर्ष इस्कॉन अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मना रहा है। इसी उपलक्ष्य में संस्था द्वारा समाज के सभी वर्गों के लोगों को प्रसाद स्वरूप 6,000 से अधिक गिलास शीतल शरबत वितरित किए जाएंगे।
इस्कॉन नोएडा के पदाधिकारियों ने बताया कि पांडव निर्जला एकादशी केवल उपवास का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, भक्ति, सेवा और भगवान के नाम-स्मरण का महापर्व है। ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों का उद्देश्य समाज में प्रेम, सद्भाव, शांति और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में मंदिर पहुंचकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा प्रसाद वितरण कार्यक्रम में सहभागी बनने की अपील भी की।।
