गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही ने फिर बढ़ाया खतरा: गंगाजल पाइपलाइन के गड्ढे में गिरी कार, बड़ा हादसा टला!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कथित लापरवाही एक बार फिर लोगों की सुरक्षा पर भारी पड़ती नजर आई। बीटा-2 थाना क्षेत्र के सेक्टर अल्फा-1 में गंगाजल पाइपलाइन की मरम्मत के लिए खोदे गए गड्ढे में एक कार गिर गई। हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि उसमें सवार युवक बाल-बाल बच गया। यदि परिस्थितियां थोड़ी भी विपरीत होतीं तो यह घटना किसी बड़े जानलेवा हादसे में बदल सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गंगाजल पाइपलाइन की मरम्मत के लिए सड़क किनारे गहरा गड्ढा खोदा गया था। आरोप है कि कार्य पूरा होने के बावजूद ठेकेदारों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए न तो गड्ढे के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग की और न ही चेतावनी संबंधी संकेतक लगाए। इतना ही नहीं, खुदाई से निकली मिट्टी भी सड़क पर छोड़ दी गई, जिससे सड़क संकरी और फिसलन भरी हो गई।
बताया जा रहा है कि कार चालक सामने से आ रहे वाहन को बचाने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान सड़क पर फैली मिट्टी के कारण कार का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे गड्ढे में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और स्थानीय लोगों की मदद से चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ जाती है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते गड्ढे के चारों ओर मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी नोएडा क्षेत्र में खुले गड्ढे में वाहन गिरने से एक इंजीनियर की जान जा चुकी है। इसके बावजूद प्राधिकरण ने कोई सबक नहीं लिया और लापरवाही का सिलसिला लगातार जारी है। लोगों का कहना है कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं यह साबित करती हैं कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
क्षेत्रवासियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा शहर में जहां-जहां खुदाई का कार्य चल रहा है, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं ताकि भविष्य में किसी भी निर्दोष व्यक्ति की जान खतरे में न पड़े। फिलहाल यह हादसा एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है कि यदि लापरवाही पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया तो अगली बार परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते हैं।।
