गुरुवार, 25 जून 2026

गौतमबुद्धनगर: किसानों की समस्याओं पर गरजी भाकियू लोकशक्ति, बी.सी. प्रधान बोले- सम्मान और अधिकारों से नहीं होगा समझौता!!

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गौतमबुद्धनगर: किसानों की समस्याओं पर गरजी भाकियू लोकशक्ति, बी.सी. प्रधान बोले- सम्मान और अधिकारों से नहीं होगा समझौता!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा, 25 जून। किसानों की विभिन्न लंबित समस्याओं, भूमि अधिग्रहण, मुआवजा, रोजगार और किसान नेताओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने गुरुवार को सेक्टर-19 स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया तथा मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर किसानों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाकियू लोकशक्ति के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बी.सी. प्रधान ने कहा कि संगठन हमेशा किसानों, मजदूरों और ग्रामीण समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के सम्मान और उनके संवैधानिक अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार और प्रशासन को किसानों की जायज मांगों को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।

चौधरी बी.सी. प्रधान ने फर्रुखाबाद जिले की कायमगंज तहसील में भाकियू लोकशक्ति के जिलाध्यक्ष के साथ हुई कथित अभद्रता के मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि किसान नेताओं का अपमान किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी द्वारा जिलाध्यक्ष को फोन कर तहसील बुलाने, हिरासत में लेने और अभद्र व्यवहार किए जाने की घटना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

ज्ञापन में संगठन ने 15 जून 2026 को प्रदेशभर में उठाए गए किसान हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्रमुखता से शामिल किया। इनमें गौतमबुद्धनगर में यमुना एक्सप्रेस-वे परियोजना से प्रभावित किसानों को अतिरिक्त मुआवजा और आवासीय भूखंड दिए जाने की मांग, यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण से संबंधित समस्याओं का समाधान, जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से प्रभावित स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, जेवर टोल प्लाजा प्रबंधक द्वारा किसान संगठनों पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी पर कार्रवाई, सोनभद्र जिले के भैंसवार गांव में चकबंदी अनियमितताओं को लेकर पिछले 13 माह से चल रहे धरने का समाधान तथा गौतमबुद्धनगर के गांव रौनीजा में पिछले 12 माह से जारी आंदोलन का निस्तारण शामिल है।

किसान नेताओं ने कहा कि नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, रोजगार, मुआवजा और विकास प्राधिकरणों से जुड़े अनेक मामले वर्षों से लंबित हैं। किसानों को बार-बार आश्वासन तो दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे किसानों में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।

चौधरी बी.सी. प्रधान ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फर्रुखाबाद प्रकरण में न्याय नहीं मिला और किसानों की लंबित समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए बाध्य होगा।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक फर्रुखाबाद जिलाध्यक्ष पर लगाए गए आरोप वापस नहीं लिए जाते और किसानों की लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की और सरकार से किसान हितों में सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

इस अवसर पर ओमप्रकाश गुर्जर, डॉ. रोहतास, महेश तंवर, ओमदत्त चौहान, राजकुमार मोनू, हरेन्द्र बैसोया, बबलू यादव, सुधीर ठाकुर, अरुण गौतम, जोगेंद्र चपराना, विजयपाल भाटी, सुनील बैसोया, दीपक प्रजापति, महेश बैसोया, हरि अवाना, मनोज शर्मा, अरविंद गौतम, महरदीन, जय सिंह, गोविन्द अंबावता, प्रवीन चौहान, नरेश शर्मा, कुलदीप सहित सैकड़ों किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।