गौतमबुद्धनगर: पुणे एसिड अटैक पीड़िता हर्षलता की मौत से गमगीन हुआ शीरोज कैफे, नोएडा में एसिड अटैक सर्वाइवर्स ने निकाला कैंडल मार्च!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//नोएडा। पुणे में एसिड अटैक का शिकार हुई 21 वर्षीय युवती हर्षलता सोलंकी की मौत से देशभर में शोक की लहर है। इसी क्रम में नोएडा स्टेडियम स्थित शीरोज हैंगआउट कैफे में एसिड अटैक सर्वाइवर्स और समाजसेवियों ने शोकसभा आयोजित कर दिवंगत हर्षलता को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा कैंडल मार्च निकालकर दोषी के खिलाफ जल्द और कठोर कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, गत 20 मई को हर्षलता सोलंकी पर उनके पूर्व प्रेमी ने रंजिश के चलते तेजाब फेंक दिया था। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उनका मुंबई के एक अस्पताल में उपचार चल रहा था, लेकिन आज सुबह करीब 10 बजे बर्न इंजरी के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। महज 21 वर्ष की उम्र में हुई इस दर्दनाक मौत ने महिलाओं की सुरक्षा और एसिड हमलों की बढ़ती घटनाओं को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
हर्षलता के निधन की सूचना मिलते ही नोएडा स्टेडियम स्थित शीरोज हैंगआउट कैफे में एसिड अटैक सर्वाइवर्स एकत्रित हुए। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके बाद सर्वाइवर्स और समाजसेवियों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर नोएडा स्टेडियम परिसर में कैंडल मार्च निकाला और दोषी को जल्द से जल्द कड़ी सजा देने की मांग उठाई।
इस अवसर पर एसिड अटैक सर्वाइवर जयललिता यादव ने बताया कि महाराष्ट्र में प्रतिवर्ष औसतन 23 एसिड अटैक के मामले दर्ज होते हैं, जबकि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल ऐसे राज्यों में शामिल हैं, जहां तेजाब हमलों की घटनाएं सबसे अधिक सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि एसिड की बिक्री पर सख्ती से नियंत्रण और कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की तत्काल आवश्यकता है।
शोकसभा में मौजूद सर्वाइवर्स ने कहा कि हर्षलता की मौत केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराते हुए दोषी को कठोरतम सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी अमानवीय घटना को अंजाम देने का दुस्साहस न कर सके।
कैंडल मार्च के दौरान सर्वाइवर्स ने यह संदेश भी दिया कि एसिड अटैक पीड़ितों को सहानुभूति के साथ-साथ न्याय, सम्मान और पुनर्वास के बेहतर अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि हर्षलता सोलंकी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब समाज और व्यवस्था मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।।
