मंगलवार, 16 जून 2026

गौतमबुद्धनगर: जेवर एयरपोर्ट से उड़ान का सपना हुआ साकार, पहली वाणिज्यिक फ्लाइट ने लखनऊ के लिए भरी उड़ान!!

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गौतमबुद्धनगर: जेवर एयरपोर्ट से उड़ान का सपना हुआ साकार, पहली वाणिज्यिक फ्लाइट ने लखनऊ के लिए भरी उड़ान!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

170 किसानों के साथ इतिहास का साक्षी बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने किया शुभारंभ

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 15 जून 2026।
वर्षों के इंतजार के बाद आखिरकार नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर से वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं का विधिवत शुभारंभ हो गया। सोमवार को माननीय केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने रिबन काटकर और फ्लैग ऑफ कर एयरपोर्ट से पहली वाणिज्यिक उड़ान को रवाना किया। इंडिगो एयरलाइंस की यह पहली फ्लाइट लखनऊ के लिए रवाना हुई, जिसने उत्तर प्रदेश के विकास के नए अध्याय की शुरुआत कर दी।

इस ऐतिहासिक अवसर पर माननीय राज्य मंत्री लोक निर्माण विभाग एवं जनपद प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर मेधा रूपम, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र भाटिया, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की मुख्य कार्यपालक अधिकारी नीतू शर्मा, एयरपोर्ट के उपाध्यक्ष क्रिस्टोफ श्नेलमैन सहित प्रशासन, यमुना प्राधिकरण एवं एयरपोर्ट के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इस अवसर का सबसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण तब देखने को मिला, जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अपनी भूमि देने वाले 28 महिलाओं समेत कुल 170 किसान पहली उड़ान के यात्री बने। विधायक धीरेंद्र सिंह, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया और उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश के साथ किसान लखनऊ पहुंचे, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों की हवाई कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी। यह एयरपोर्ट व्यापार, पर्यटन, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सेल्फ चेक-इन, स्वचालित बैगेज ड्रॉप सिस्टम, आधुनिक यात्री सुविधाएं और भारतीय संस्कृति से प्रेरित वास्तुशिल्प इसकी विशेषताओं में शामिल हैं। शुरुआती चरण में घरेलू उड़ानों का संचालन किया जाएगा, जबकि आगामी समय में अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं भी शुरू की जाएंगी।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। यहां अत्याधुनिक एयर कार्गो सुविधाओं का विकास किया गया है, जिससे उत्तर भारत के व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई गति मिलेगी। साथ ही एयरपोर्ट को सतत विकास और नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट का प्रथम चरण प्रतिवर्ष लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवाएं देने की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। भविष्य में इसके विस्तार के बाद यह क्षमता बढ़कर 7 करोड़ से अधिक यात्रियों तक पहुंच सकेगी। माना जा रहा है कि यह विश्वस्तरीय हवाई अड्डा न केवल क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करेगा, बल्कि निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसरों का भी मार्ग प्रशस्त करेगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली वाणिज्यिक उड़ान का शुभारंभ केवल एक परिवहन परियोजना की सफलता नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों के सपनों को नई उड़ान देने वाला ऐतिहासिक क्षण भी है।