गौतमबुद्धनगर: नोएडा प्राधिकरण की बड़ी चेतावनी, इन खसरा नंबरों की जमीन खरीदने से पहले जरूर करें जांच!!
दो टूक//नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने आम जनता, निवेशकों और संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि ग्राम सलारपुर, भंगेल बेगमपुर और हाजीपुर के कई खसरा नंबरों पर स्थित भूमि प्राधिकरण की अधिसूचित, अर्जित अथवा पट्टे के माध्यम से प्राप्त भूमि है, जहां कुछ व्यक्तियों, भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों द्वारा अवैध निर्माण एवं कब्जे किए गए हैं। ऐसे में इन जमीनों की खरीद-फरोख्त करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना बेहद जरूरी है।
प्राधिकरण के अनुसार इन क्षेत्रों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ समय-समय पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जाती रही है। संबंधित लोगों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। इसके अलावा अतिक्रमणकारियों के खिलाफ थानों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी जा चुकी है तथा कई मामलों में मुकदमे भी दर्ज हैं।
प्राधिकरण द्वारा जारी सूचना के अनुसार ग्राम सलारपुर खादर के खसरा संख्या 700 से 711, 723, 724, 728, 729, 730, 731, 732, 733, 734, 735, 745, 746, 747, 748, 749, 750, 751, 752, 759, 760, 762, 763, 764, 779, 780, 795, 796, 797 और 798 पर अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण की स्थिति चिन्हित की गई है।
इसी प्रकार ग्राम भंगेल बेगमपुर के खसरा संख्या 176, 178, 217, 221, 223, 225, 226, 247, 250 और 251 तथा ग्राम हाजीपुर के खसरा संख्या 412 को भी चेतावनी सूची में शामिल किया गया है।
नोएडा प्राधिकरण ने साफ किया है कि इन खसरा नंबरों पर किसी भी प्रकार के भवन, भूखंड अथवा अन्य निर्माण का नक्शा स्वीकृत नहीं किया गया है। इसलिए इन जमीनों पर किए गए निर्माण पूरी तरह अवैध माने जाएंगे। साथ ही इन क्षेत्रों में बिजली, पानी, सीवर, सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी।
प्राधिकरण ने जनता को आगाह करते हुए कहा है कि संबंधित खसरा नंबरों की भूमि पर किसी भी प्रकार की खरीद-बिक्री, निवेश या संपत्ति संबंधी लेन-देन से पहले प्राधिकरण से उसकी स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। बिना सत्यापन के किया गया निवेश भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी विवाद का कारण बन सकता है।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में इन जमीनों को लेकर कोई कानूनी विवाद या विधिक कार्रवाई होती है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी क्रेता और विक्रेता की होगी। इसलिए नागरिक किसी भी प्रलोभन में आए बिना संपत्ति खरीदने से पहले उसके सभी दस्तावेजों और वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें।
नोएडा प्राधिकरण की इस सार्वजनिक चेतावनी को अवैध कॉलोनियों और भू-माफियाओं पर लगाम कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही यह संदेश भी दिया गया है कि बिना सत्यापन के जमीन खरीदना लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।।
