गौतमबुद्धनगर: नोएडा के सेक्टर-55 में बड़ा हादसा टला: शॉर्ट सर्किट से दो कारें जलकर खाक, बिजली विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल!!
दो टूक//नोएडा, 10 जून। नोएडा के सेक्टर-55 में देर रात उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक इलेक्ट्रिक पोल में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण पार्किंग में खड़ी दो कारों में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हालांकि दमकल विभाग की तत्परता से एक बड़ा हादसा होने से टल गया और घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, थाना सेक्टर-58 क्षेत्र के सेक्टर-55 स्थित सी-ब्लॉक के पास बुधवार देर रात करीब एक बजे अचानक बिजली के पोल से चिंगारियां निकलने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पोल में शॉर्ट सर्किट होने के बाद निकली चिंगारी नीचे पार्किंग में खड़ी कारों पर जा गिरी, जिससे दो वाहन आग की चपेट में आ गए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दोनों कारें धू-धू कर जलने लगीं।
घटना की सूचना तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल कर्मियों की मुस्तैदी के चलते आग को आसपास खड़ी अन्य गाड़ियों और रिहायशी क्षेत्र तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा नुकसान होने से बच गया।
इस घटना को लेकर सेक्टर की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सत्यनारायण गोयल ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली के ढीले और जर्जर कनेक्शनों की शिकायत की जा रही थी, लेकिन संबंधित विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बिजली तारों से निकली चिंगारी के कारण ही यह हादसा हुआ है।
आरडब्ल्यूए की ओर से प्रभावित वाहन स्वामियों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की गई है। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बिजली विभाग से तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने और क्षेत्र के बिजली ढांचे की व्यापक जांच कराने की मांग भी की गई है।
फिलहाल पुलिस ने घटना की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है, जबकि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय आसपास मौजूद लोग सुरक्षित रहे और कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन इस घटना ने रिहायशी इलाकों में बिजली व्यवस्था की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर चिंताएं जरूर बढ़ा दी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था। ऐसे में संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय कर ठोस कार्रवाई किया जाना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी की जान-माल को खतरे का सामना न करना पड़े।
