गौतमबुद्धनगर: हज-उमरा के नाम पर 46 लाख की साइबर ठगी का पर्दाफाश, सस्ते विदेश पैकेज का झांसा देने वाला इंजीनियर गिरफ्तार!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर में साइबर क्राइम पुलिस ने हज और उमरा यात्रा के लिए सस्ते पैकेज पर विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी देश के विभिन्न राज्यों में लोगों को धार्मिक यात्रा के नाम पर फंसाकर करीब 46 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी कर चुका है।
थाना साइबर क्राइम पुलिस ने अभिसूचना संकलन एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर 23 जून 2026 को कार्रवाई करते हुए आरोपी तसलीम साद पुत्र जाकिर हुसैन को ग्रेटर नोएडा वेस्ट से गिरफ्तार किया। आरोपी बरेली के कृष्णा एन्कलेव का निवासी है और बी.टेक (ईसी) शिक्षित है। पुलिस के अनुसार वह सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों को हज एवं उमरा यात्रा के लिए बेहद कम कीमत वाले आकर्षक पैकेज का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। विश्वास जीतने के बाद वह लोगों से रकम वसूल कर संपर्क समाप्त कर देता था।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 10 सिम कार्ड, दो एटीएम कार्ड, बैनर और डाटा डायरी बरामद की है। जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ दिल्ली, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों में कुल नौ शिकायतें दर्ज हैं। इन शिकायतों में लगभग 46 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
साइबर क्राइम पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी तकनीकी रूप से दक्ष होने के कारण लोगों को आसानी से भरोसे में ले लेता था। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की जांच के आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों की भी तलाश कर रही है।
इस संबंध में थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर में मु0अ0सं0-174/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2) एवं आईटी एक्ट की धारा 66डी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी धार्मिक यात्रा की बुकिंग केवल अधिकृत और मान्यता प्राप्त एजेंसियों के माध्यम से ही कराएं। सस्ते पैकेज, आकर्षक ऑफर और तत्काल वीजा के नाम पर किए जाने वाले प्रचार से सावधान रहें तथा किसी भी भुगतान से पहले एजेंसी की वैधता की जांच अवश्य करें। साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।।
