लखनऊ :
STF ने बांदा से 50 हजार का इनामिया बदमाश शिबू अन्सारी को किया गिरफ्तार।।
दो टूक : एसटीएफ उत्तर प्रदेश को जनपद बांदा के थाना नरैनी पर पंजीकृत मु०अ०सं० 01/2026 धारा-3 (1) उ०प्र० गिरोहबन्द समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम में वांछित रूपये 50,000/- का पुरस्कार घोषित बदमाश शीबू अन्सारी को गिरफ्तार कर थाना बबेरू जनपद बांदा मे दाखिल कर विधिक कार्रवाई की।
विस्तार :
एसटीएफ उ०प्र० को विगत काफी दिनों से फरार बदमाश पुरस्कार घोषित के सम्बन्ध में सूचनाएँ प्राप्त हो रही थी। इस सम्बन्ध में एसटीएफ की विभिन्न इकाईयों टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। उक्त निर्देश के क्रम में श्री शैलेश प्रताप सिंह, पुलिस उपाधीक्षक, एसटीएफ फील्ड इकाई, प्रयागराज के पर्यवेक्षण एवं निरीक्षक श्री जय प्रकाश राय के नेतृत्व में टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी।
संकलित सूचना के क्रम में दिनांक 18.05.2026 को एसटीएफ फील्ड इकाई, प्रयागराज के निरीक्षक अनिल कुमार सिंह, मुख्य आरक्षीगण प्रभन्जन पाण्डेय, अजय सिंह यादव, अनूप राय व आरक्षी चालक अखण्ड प्रताप पाण्डेय की टीम जनपद बांदा में आपराधिक अभिसूचना संकलन की कार्यवाही में भ्रमणशील थी। इसी दौरान रूपये 50,000/- का पुरस्कार घोषित अभियुक्त शीबू अन्सारी के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। उक्त सूचना पर एसटीएफ टीम द्वारा उपरोक्त स्थान से अभियुक्त शीबू अन्सारी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ पर गिरफ्तार बदमाश शीबू अन्सारी ने बताया कि वह बांदा रोड कस्बा नरैनी जनपद बांदा का रहने वाला है। वर्ष 2025 में वह अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था जिसके सम्बन्ध में जनपद बांदा के अलग-अलग थानों में अभियोग पंजीकृत है और जेल भी जा चुका है। वर्ष 2026 में थाना नरैनी जनपद बांदा में उसके व उसके साथियों के विरूद्ध गैंगेस्टर एक्ट का अभियोग पंजीकृत हुआ था, जिसमें वह वांछित चल रहा था जिसकी गिरफ्तारी हेतु 50 हजार रूपये का पुरस्कार भी घोषित हुआ था।
गिरफ्तार शीबू अन्सारी उपरोक्त को मु०अ०सं० 01/2026 धारा-3 (1) उ०प्र० गिरोहबन्द समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम में थाना नरैनी जनपद बांदा में दाखिल किया गया। अग्रिम विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है। गिरफ्तार शीबू अन्सारी के खिलाफ कई अपराधिक मामले दर्ज है।
उ०प्र० गिरोहबन्द समाज विरोधी कियाकलाप (निवारण) अधिनियम मे फरार चल रहा था जिसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित था।
