लखनऊ :
बालिका विद्यालय में छात्राओं हेतु स्टेशनरी एवं शीतल जल के लिए कूल कंटेनर का हुआ वितरण।
दो टूक : बालिका विद्यालय इंटरमीडिएट कॉलेज, मोती नगर, लखनऊ में शनिवार को छात्राओं के हितार्थ एक सराहनीय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री कनक बिहारी सेवा ट्रस्ट, श्री कनक बिहारी बाजार, चौक, लखनऊ के सौजन्य से छात्राओं को आवश्यक स्टेशनरी सामग्री का वितरण किया गया तथा विद्यालय को शीतल जल की सुविधा हेतु चार कूल कंटेनर (कूल जग) प्रदान किए गए। कार्यक्रम में श्री कनक बिहारी सेवा ट्रस्ट की मंत्री सुश्री कंचन अग्रवाल एवं सदस्य श्री यश अग्रवाल का विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. लीना मिश्र द्वारा हार्दिक स्वागत किया गया। अपने स्वागत उद्बोधन में प्रधानाचार्या ने ट्रस्ट के इस उदार एवं सराहनीय सहयोग को छात्राओं के समग्र शैक्षिक उन्नयन तथा स्वास्थ्य-सुविधाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण एवं उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें न केवल छात्राओं को अध्ययन के प्रति प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच का भी विकास करती हैं। ग्रीष्म ऋतु में शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था से छात्राओं के स्वास्थ्य संरक्षण में भी सहायता मिलेगी जिससे वे अधिक एकाग्रता एवं ऊर्जा के साथ अपने अध्ययन कार्य में संलग्न रह सकेंगी। प्रधानाचार्य ने यह भी आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ट्रस्ट का इसी प्रकार का सहयोग एवं स्नेह विद्यालय को प्राप्त होता रहेगा जिससे छात्राओं के सर्वांगीण विकास का मार्ग और अधिक सुदृढ़ हो सकेगा। इस अवसर पर लगभग 60 छात्राओं को रजिस्टर, पेन आदि उपयोगी स्टेशनरी सामग्री वितरित की गई,ल जिससे छात्राओं में विशेष उत्साह और प्रसन्नता का वातावरण देखा गया। साथ ही ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए प्रदान किए गए कूल कंटेनर विद्यालय परिसर में स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होंगे। श्री कनक बिहारी सेवा ट्रस्ट विगत समय से निरंतर शिक्षा एवं समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। छात्राओं की शिक्षा को प्रोत्साहन देना तथा विद्यालयों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना ट्रस्ट की प्राथमिकताओं में रहा है। कार्यक्रम में विद्यालय की समस्त शिक्षिकाएँ उपस्थित रहीं और सभी ने ट्रस्ट के इस उदार एवं समाजोपयोगी योगदान के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। यह पहल न केवल छात्राओं के मनोबल को बढ़ाने वाली है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सहयोग और संवेदनशीलता का भी प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
