लखनऊ :
बाल श्रम पर नहीं लग पा रहा अंकुश,
बेखौफ चौराहे पर कराया जा रहा काम।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र की वृन्दावन योजना के सेक्टर पांच एवं छः के फुटपाथ पर चल रही जुगाड़ वाहनों पर अवैध गन्ना जूस की दुकानों पर नाबालिगों का भविष्य पीसा जा रहा है एक से एक बुद्धिजीवि जिम्मेदार सब देखकर अनदेखा करते है।
विस्तार :
बाल श्रम विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहे फुटपाथिया व्यवसायों में अबोध किशोरों के भविष्य से मनमाने व्यक्तिगत लाभ का खेल।अबोध बच्चों की पारिवारिक मजबूरियों का फुटपाथिया दुकानदार उठा रहे मनमाना लाभ। बाल श्रम विभाग की टीम ने भी व्यक्तिगत लाभ के चलते अबोधों के भविष्य से किया समझौता।
बताते चले -बाल श्रम एक सामाजिक अभिशाप है, जो मासूम बच्चों को शिक्षा और खुशियों से वंचित करता है। यह उनके शारीरिक और मानसिक विकास को रोकता है जो गैर-कानूनी होने के साथ-साथ उनके बच्चों के भविष्य के लिए ठीक नही है।, जो मासूम बच्चों को उनके बचपन और शिक्षा के अधिकार से वंचित कर देता है और शारीरिक और मानसिक विकास में सबसे बड़ी बाधा है सभ्य समाज और लोकतंत्र मे बच्चे देश के भविष्य है।
