रविवार, 31 मई 2026

लखनऊ : CHC में फार्मासिस्ट ने खुद को डॉक्टर बताकर करने लगा इलाज,मामला पकड़ा तूल तो हुई कार्रवाई।||Lucknow: A pharmacist at the CHC pretended to be a doctor and began treating patients. The matter escalated and action was taken.||

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लखनऊ : 
CHC में फार्मासिस्ट ने खुद को डॉक्टर बताकर करने लगा इलाज,मामला पकड़ा तूल तो हुई कार्रवाई।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार सुबह स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आयी। पेट दर्द, उल्टी और दस्त से पीड़ित बेटी को इलाज के लिये लेकर पहुंचे दम्पत्ति ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी में डॉक्टर की जगह एक फार्मासिस्ट ने खुद को डॉक्टर बताकर इलाज शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसने अभद्र व्यवहार किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएचसी अधीक्षक ने आरोपी फार्मासिस्ट पर कार्रवाई के लिए सीएमओ को रिपोट भेजी है। पीड़ित परिजनो ने कहा वो पूरे मामले की स्वास्थमंत्री से शिकायत कर कार्यवाही की मांग करेंगे। 
विस्तार :
जानकारी के अनुसार लखनऊ के मोहनलालगंज कस्बा निवासी नीतिका के अनुसार शनिवार सुबह करीब पांच बजे उनकी बेटी की तबीयत बिगड़ने पर वह पति के साथ सीएचसी पहुंचीं। आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे और कर्मचारी चादर ओढ़कर सो रहे थे। पूरे परिसर में सन्नाटा पसरा था। काफी प्रयास के बाद कर्मचारी को जगाकर डॉक्टर बुलाने की मांग की गई। जिसके बाद कर्मचारी ने अंदर से एक व्यक्ति को बुलाया, जिसने बेटी को देखकर तत्काल दवा और इंजेक्शन लगाने की बात कही। जब परिजनों ने डॉक्टर के बारे में पूछा तो वह भड़क गया और खुद को डॉक्टर बताते हुए इलाज कराने या डिग्री देखने की बात कहने लगा। संदेह होने पर बच्ची के पिता ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिवाकर को फोन किया। तब पता चला कि संबंधित व्यक्ति डॉक्टर नहीं बल्कि फार्मासिस्ट है। मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मौके पर पहुंचे। डॉक्टर ने मरीज की जांच कर फार्मासिस्ट को इंजेक्शन लगाने के निर्देश दिए, लेकिन डरे परिजन बेटी को निजी अस्पताल लेकर गए और वहीं उपचार कराया। घटना का वीडियो और शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग बैकफुट पर आ गया। जांच के बाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिवाकर ने फार्मासिस्ट विवेक के अभद्र व्यवहार और अनुशासनहीनता को गंभीर मानते हुए उसका एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए। साथ ही उसके तबादले के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्राचार करने की बात कही है।