गौतमबुद्धनगर: जिला कारागार का औचक निरीक्षण: बंदियों की कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सुविधाओं और भोजन व्यवस्था की परखी गई गुणवत्ता!!
दो टूक// गौतमबुद्धनगर, 30 मई 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर की सचिव शिवानी रावत ने शनिवार को जिला कारागार का मासिक निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक, चिकित्सीय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को अभिलेखों के नियमित अद्यतन, स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा बंदियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर के निर्देशों के क्रम में किए गए इस निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार और उप जेलर सुरजीत सिंह भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में जिला कारागार गौतमबुद्धनगर में कुल 2417 बंदी निरुद्ध हैं। सचिव शिवानी रावत ने पुरुष बैरकों का भ्रमण कर बंदियों से सीधे संवाद स्थापित किया और उनके मुकदमों की प्रगति, अधिवक्ताओं की उपलब्धता तथा निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बंदियों के मुकदमों से जुड़े रिकॉर्ड और कार्डों का भी अवलोकन किया गया।
बंदियों ने सचिव को बताया कि उन्हें निजी अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता उपलब्ध कराए गए हैं और उनके मुकदमों की पैरवी की जा रही है। सचिव ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि बंदियों से संबंधित सभी अभिलेखों और कार्डों को नियमित रूप से अपडेट किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर कानूनी सहायता में बाधा उत्पन्न न हो।
इसके बाद सचिव ने जिला कारागार में संचालित चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने जनरल वार्ड में भर्ती बंदियों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की स्थिति, चिकित्सा सुविधाओं और मुकदमों की जानकारी प्राप्त की। बंदियों से यह भी पूछा गया कि उन्हें उपचार और दवाओं की उपलब्धता समय पर मिल रही है या नहीं।
निरीक्षण के दौरान कारागार की पाकशाला का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। सचिव ने बंदियों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच की तथा रात्रि भोजन की तैयारियों का अवलोकन किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए पाकशाला में स्वच्छता और साफ-सफाई के मानकों को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
सचिव शिवानी रावत ने कहा कि बंदियों को कानून के तहत मिलने वाले सभी अधिकारों और सुविधाओं का संरक्षण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि विधिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छ वातावरण की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि बंदियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिला कारागार के इस मासिक निरीक्षण को बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा, पारदर्शी जेल प्रशासन और विधिक सहायता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
