सोमवार, 25 मई 2026

गौतमबुद्धनगर: सरकारी स्कूलों की बदली तस्वीर: भूड़ा प्राइमरी स्कूल बना आधुनिक शिक्षा का मॉडल, अशोक भाटी बोले — “शिक्षा ही समाज की सबसे बड़ी ताकत”

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गौतमबुद्धनगर: सरकारी स्कूलों की बदली तस्वीर: भूड़ा प्राइमरी स्कूल बना आधुनिक शिक्षा का मॉडल, अशोक भाटी बोले — “शिक्षा ही समाज की सबसे बड़ी ताकत”

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा, 25 मई 2026।
नोएडा:: सरकारी विद्यालयों को नई पहचान दिलाने और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में सेक्टर-81 स्थित भूड़ा गांव के प्राइमरी स्कूल में सोमवार को एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। वर्षों से संसाधनों की कमी से जूझ रहे इस विद्यालय का अब पूरी तरह कायाकल्प कर दिया गया है। इनोबल फाउंडेशन और जनरल इंश्योरेंस कम्पनी के सहयोग से स्कूल का भव्य रिनोवेशन कराया गया, वहीं बच्चों के आधुनिक शिक्षण के लिए अत्याधुनिक लैब का निर्माण भी किया गया।

विद्यालय परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह उत्साह, सम्मान और सामाजिक भागीदारी का प्रतीक बन गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय किसान यूनियन के गौतमबुद्ध नगर जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी अशोक भाटी रहे। उन्होंने फीता काटकर तथा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस दौरान विद्यालय परिसर में बच्चों और अभिभावकों के चेहरे पर नई उम्मीद साफ दिखाई दी। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्कूल को देखकर ग्रामीणों ने इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की बड़ी शुरुआत बताया।

समारोह में प्रधानाचार्य शकरुद्दीन खान, एबीएसए चंद्रभूषण प्रसाद, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष एवं शिक्षाविद उमेश राठी, इनोबल फाउंडेशन के प्रतिनिधि रवि कुमार तथा जनरल इंश्योरेंस कम्पनी से अनुराधा पोखरियाल और अनुश्री शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। विद्यालय समिति और स्टाफ द्वारा सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया।

विद्यालय के बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया। बच्चों की प्रतिभा और उत्साह ने मौजूद लोगों का मन मोह लिया।

मुख्य अतिथि अशोक भाटी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकारी स्कूलों को मजबूत किए बिना देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आज निजी स्कूलों की बढ़ती फीस आम परिवारों पर भारी बोझ बनती जा रही है, ऐसे समय में समाज और संस्थाओं को आगे आकर सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना चाहिए।

अशोक भाटी ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने बच्चों को संस्कार, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने पर भी जोर दिया।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा —
“शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पिएगा वही दहाड़ेगा। बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देना भी हमारी जिम्मेदारी है। जब सरकारी स्कूल मजबूत होंगे तभी समाज का हर वर्ग आगे बढ़ सकेगा।”

अशोक भाटी ने इनोबल फाउंडेशन और जनरल इंश्योरेंस कम्पनी की इस पहल की जमकर सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि यदि सामाजिक संस्थाएं और सक्षम लोग शिक्षा के क्षेत्र में इसी प्रकार सहयोग करते रहे तो सरकारी विद्यालय भी निजी स्कूलों की तरह आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में सक्षम बनेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि गांवों और गरीब परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना ही सच्ची समाजसेवा है। अशोक भाटी ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की मेहनत की भी सराहना की और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर झलकेश बाबूजी, मनोज त्यागी, चरण सिंह भाटी, अजय गुर्जर, गजेंद्र रेक्सवाल, अनिल खारी, रवि अवाना, सितम भाटी, जगबीर भाटी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

वहीं विद्यालय स्टाफ में रीना देवी, शीतल तोमर, सविता, निशी, गार्गी सिंह, कविता और विपिन भाटी सहित अन्य शिक्षकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार, ग्रामीणों और अतिथियों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य तथा सरकारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। भूड़ा प्राइमरी स्कूल का यह परिवर्तन अब क्षेत्र में शिक्षा सुधार की नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।।