गौतमबुद्धनगर: आरटीई प्रवेश में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, लक्ष्य के अनुरूप हर पात्र बच्चे का दाखिला सुनिश्चित करें: सीडीओ
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
निजी स्कूलों के साथ समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश, अनुपस्थित विद्यालयों को नोटिस जारी करने के आदेश
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 07 मई 2026।
जनपद में आर्थिक रूप से कमजोर एवं अलाभित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित आरटीई (निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम) प्रवेश प्रक्रिया को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी ने की, जबकि अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में जनपद के निजी विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्यों के साथ शैक्षिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निजी विद्यालय शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पात्र बच्चों का प्रवेश समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आरटीई योजना सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल है, जिसका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों को भी बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने शिक्षा विभाग एवं विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी सभी सूचनाएं एवं प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से विभागीय पोर्टल पर अपडेट की जाएं, ताकि पूरी व्यवस्था पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनी रहे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि चयनित बच्चों एवं उनके अभिभावकों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे ने निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अभिभावकों और बच्चों के साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र बच्चों को शिक्षा से जोड़ना सभी संबंधित संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि जो विद्यालय समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहे हैं, उनके विरुद्ध नोटिस जारी करने की कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित की जाए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज सत्यापन तथा लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से पात्र बच्चों को विद्यालय आवंटित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरटीई योजना के तहत चयनित बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त बच्चों को पाठ्य सामग्री एवं वर्दी के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, निजी विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य मौजूद रहे।।
