गुरुवार, 14 मई 2026

बाबा टिकैत की पुण्यतिथि पर दिल्ली में गूंजा किसान एकता का संदेश, जाट-गुर्जर समाज ने दिखाई मजबूत एकजुटता!!

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बाबा टिकैत की पुण्यतिथि पर दिल्ली में गूंजा किसान एकता का संदेश, जाट-गुर्जर समाज ने दिखाई मजबूत एकजुटता!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नई दिल्ली, 14 मई 2026। किसानों के मसीहा और भारतीय किसान आंदोलन के प्रखर नेता स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 15वीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर राजधानी दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में अखिल भारतीय जाट महासभा द्वारा श्रद्धांजलि सभा एवं विचार संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से पहुंचे किसान नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने बाबा टिकैत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किसान एकता और संघर्ष की मशाल को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता यशपाल संधू ने की, जबकि संचालन मोहित चौधरी ने प्रभावशाली ढंग से किया। समारोह में जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री श्री सुरेंद्र चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत, चौधरी युद्धवीर सिंह, सांसद हरेंद्र मलिक, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, सांसद संजय सिंह, सांसद सुधाकर सिंह, राजकुमार भाटी, मनोज काका, प्रोफेसर बेअंत सिंह, राजवीर सिंह जादौन और गौरव टिकैत समेत अनेक प्रमुख हस्तियों ने अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा महेंद्र सिंह टिकैत के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इस दौरान अखिल भारतीय गुर्जर महासभा ने जिलाध्यक्ष अशोक भाटी के नेतृत्व में सभी अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर भव्य स्वागत किया। मुख्य अतिथि श्री सुरेंद्र चौधरी को गदा भेंट कर सम्मानित किया गया, जिसने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।

अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने न केवल अतिथियों के स्वागत-सम्मान की जिम्मेदारी बखूबी निभाई, बल्कि पूरे आयोजन को सामाजिक समरसता और किसान एकता का स्वरूप देने में सक्रिय योगदान दिया। अशोक भाटी ने कहा कि कांस्टीट्यूशन क्लब जैसे प्रतिष्ठित स्थल पर बाबा टिकैत की पुण्यतिथि मनाया जाना किसान समाज के सम्मान और संघर्ष की पहचान है। उन्होंने कहा कि बाबा टिकैत ने किसानों को अधिकारों के लिए संगठित होकर लड़ने की प्रेरणा दी और आज उसी विचारधारा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उनके नेतृत्व और सक्रियता की कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने खुलकर सराहना की।

कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष चौधरी ने किसान समाज की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि बाबा टिकैत केवल एक नेता नहीं, बल्कि किसानों की आवाज थे। उन्होंने युवाओं से किसान आंदोलनों के इतिहास को समझने और समाजहित में आगे आने का आह्वान किया। वहीं क्षेत्र के लोकप्रिय युवा चेहरों में शामिल परविंदर अवाना ने किसान और युवा शक्ति को देश की असली ताकत बताते हुए सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जाट और गुर्जर समाज की एकता आने वाले समय में सामाजिक और किसान आंदोलनों को नई दिशा देगी।

इसके साथ ही युवा समाजसेवी सचिन अवाना ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई। उन्होंने बाबा टिकैत के संघर्षों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर समाज को एक मंच पर आने की जरूरत है। सचिन अवाना ने सामाजिक एकजुटता, युवाओं की भागीदारी और किसान हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष का संकल्प दोहराया।

वक्ताओं ने बाबा महेंद्र सिंह टिकैत के संघर्षपूर्ण जीवन, किसान आंदोलनों और किसानों के अधिकारों के लिए किए गए ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने सरकार की किसान विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए किसानों से “दूध और पानी की तरह एकजुट” होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर सुभाष चौधरी, डम्पी पहलवान, विजय तालान, परविंदर अवाना, अशोक भाटी, मनोज मावी, हरेंद्र प्रधान, प्रदीप भाटी, अनिल खारी, सचिन अवाना, विपिन तंवर, महेश खटाना, बिजेंद्र चौधरी, कविता जावला, राजीव मलिक, पवन चौरौली, मनोज त्यागी, अमित चौधरी और अनित भाटी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

पूरे आयोजन में बाबा टिकैत के संघर्ष, किसान चेतना और सामाजिक एकता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि सभा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जाट-गुर्जर एकता, किसान अधिकारों और सामाजिक भाईचारे का मजबूत संदेश देने वाला ऐतिहासिक आयोजन बन गया।।