गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा में छिड़ी ‘पोस्टर पॉलिटिक्स’: सपा की टिप्पणी पर भाजपा का पलटवार, शहरभर में लगे होर्डिंग!!
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर सोशल मीडिया टिप्पणी के बाद बढ़ा सियासी तापमान, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में शुरू हुई पोस्टर वॉर
दो टूक//गौतमबुद्धनगर में राजनीतिक माहौल उस समय और गरमा गया जब समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी पर सोशल मीडिया में की गई कथित टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शहरभर में पोस्टर और होर्डिंग लगवा दिए। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के प्रमुख चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए इन पोस्टरों ने जिले की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
भाजपा युवा मोर्चा इकाई की ओर से लगाए गए पोस्टरों में बड़े अक्षरों में लिखा गया है —
“सपा की यही पहचान, पिछड़ों का करें सदैव अपमान”
इन पोस्टरों के जरिए भाजपा ने सपा पर पिछड़ा वर्ग के नेताओं का अपमान करने का आरोप लगाया है। राजनीतिक गलियारों में यह पोस्टर वार अब चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है।
भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकारी सदस्य ऋषभ राज शर्मा ने इस अभियान को लेकर कहा कि सपा के मीडिया सेल द्वारा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के खिलाफ “अमर्यादित और नीचता भरी टिप्पणी” की गई, जिसे भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक कतई स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक नेता का नहीं, बल्कि पिछड़े समाज के सम्मान का भी मुद्दा है।
ऋषभ राज शर्मा ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें अपने मीडिया सेल प्रमुख को तत्काल पद से हटाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा लगातार सामाजिक वर्गों को लेकर आपत्तिजनक राजनीति करती रही है।
भाजपा नेताओं ने इस दौरान पंकज चौधरी के राजनीतिक सफर का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि पंकज चौधरी ने वर्ष 1989 में पार्षद के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और मेहनत के दम पर आज वह केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचे हैं। वहीं, भाजपा नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ नेता “वंशवाद की राजनीति” के सहारे आगे बढ़े हैं।
शहर में लगे इन पोस्टरों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा तक अलग-अलग स्थानों पर लगे होर्डिंग लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए सोशल मीडिया की लड़ाई अब सड़कों तक पहुंच चुकी है, जहां पोस्टर और होर्डिंग के जरिए राजनीतिक दल एक-दूसरे पर खुलकर हमला बोल रहे हैं।
फिलहाल इस पूरे विवाद पर समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन जिले में शुरू हुई यह ‘पोस्टर पॉलिटिक्स’ आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है।
