गौतमबुद्धनगर:“हादसा या साजिश?” ग्रेटर नोएडा में ऋषभ अत्री की मौत पर बवाल, परिजनों ने बीजेपी नेता के भतीजे पर लगाया हत्या का आरोप!!
दो टूक//अलीगढ़/ ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में हुए स्कॉर्पियो हादसे ने अब बड़ा राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है। हादसे में जान गंवाने वाले जट्टारी निवासी ऋषभ अत्री (25) के परिजनों ने इसे सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष के भतीजे पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के विरोध में सोमवार देर शाम कस्बा जट्टारी में सैकड़ों लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर न्याय की मांग की।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात नॉलेज पार्क स्थित शारदा अस्पताल के पास एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पोल से टकरा गई थी। हादसे में ऋषभ अत्री की मौत हो गई, जबकि स्कॉर्पियो चला रहा भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला का भतीजा गुरुदेव उर्फ गोलू घायल हो गया था।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि यह केवल सड़क हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश है। परिवार का कहना है कि वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि वाहन बेहद तेज गति में था और टक्कर संदिग्ध परिस्थितियों में हुई। परिजनों का दावा है कि हादसे के तुरंत बाद चालक गुरुदेव उर्फ गोलू वाहन से निकलकर दूसरी दिशा में भागता दिखाई दिया, जबकि ऋषभ स्कॉर्पियो के नीचे दबा हुआ था। बाद में अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। परिजन अब दोबारा पुलिस और प्रशासन को शिकायती पत्र देने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सभी पहलुओं को गंभीरता से खंगाला जाना चाहिए।
सोमवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे जट्टारी कस्बे में निकाले गए कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हाथों में मोमबत्तियां लेकर लोगों ने “ऋषभ को न्याय दो” के नारे लगाए। माहौल भावुक और आक्रोशपूर्ण बना रहा।
कैंडल मार्च में शामिल मृतक के बड़े भाई गगन अत्री, जो भारतीय वायुसेना में अंडमान-निकोबार में तैनात हैं, ने कहा कि उनके भाई की हत्या हुई है और वायरल वीडियो कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है और उन्हें आशंका है कि घटना में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं।
विरोध प्रदर्शन में पूर्व चेयरमैन चौधरी मनवीर सिंह, दिनेश अत्री, सागर चौधरी, जौनी चौधरी, गौरव चौधरी, विकास मित्तल, जिग्नेश गोयल, गरिमा चौधरी, अभिषेक वर्मा, हरिकेश चौधरी, टीटू चौधरी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
फिलहाल यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।।
