मंगलवार, 12 मई 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा जिला अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था पर उठे सवाल, घायल मरीज घंटों तड़पता रहा!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा जिला अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था पर उठे सवाल, घायल मरीज घंटों तड़पता रहा!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा : सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई हैं। गंभीर चोटों से पीड़ित एक मरीज ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और संवेदनहीनता के आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि मरीज सीढ़ियों से नीचे गिर गया था, जिससे उसके हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें आई थीं। दर्द इतना अधिक था कि वह ठीक से बैठ भी नहीं पा रहा था, लेकिन इसके बावजूद उसे घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ा।

पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल में उसे समय पर उचित उपचार नहीं मिला। हाथ टूटने की आशंका के बावजूद केवल एक इंजेक्शन लगाकर हाथ पर कच्ची पट्टी बांध दी गई, जबकि कमर में तेज दर्द और अन्य चोटों की गंभीरता को नजरअंदाज कर दिया गया। मरीज और उसके परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों द्वारा न तो पूरी जांच की गई और न ही इलाज के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी दी गई।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि अस्पताल में मरीज को स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं कराया गया। परिजनों के मुताबिक दर्द से कराहते मरीज को बाथरूम तक जाने के लिए भी कोई सुविधा नहीं मिली। ज्यादा दर्द होने पर मरीज के चिल्लाने के बाद केवल दर्द का इंजेक्शन लगाकर मामले को टाल दिया गया।

घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें घायल मरीज दर्द से परेशान दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जिला अस्पताल में ही गंभीर मरीजों को बुनियादी सुविधाएं और संवेदनशील व्यवहार नहीं मिलेगा, तो आम जनता आखिर कहां जाएगी।

अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।।