गौतमबुद्धनगर: पोषण ट्रैकर में गौतमबुद्धनगर की बड़ी उपलब्धि, 97.64% बच्चों का मापन पूरा!!
एडीएम न्यायिक प्रियंका की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक, मातृत्व योजनाओं और सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति की समीक्षा
दो टूक//गौतमबुद्धनगर में शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला पोषण समिति की बैठक में कुपोषण मुक्ति, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका ने की, जिसमें जिला स्तरीय अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने विभागीय योजनाओं की प्रगति प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनपद में पोषण ट्रैकर के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। बच्चों के वजन और मापन की प्रक्रिया में जनपद ने 97.64 प्रतिशत प्रगति दर्ज की है, जिसे प्रशासन ने संतोषजनक उपलब्धि माना। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बैठक में विशेष रूप से गंभीर कुपोषण से ग्रसित सैम (SAM) बच्चों के उपचार और पुनर्वास पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि चिन्हित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र भेजकर उनका नियमित फॉलोअप कराया जा रहा है, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार लाया जा सके। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं की एएनसी (एंटीनेटल चेकअप) जांच में वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जानकारी दी कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण के लिए फेस रिकॉग्निशन प्रणाली की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब लाभार्थियों को फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से ही पुष्टाहार वितरित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, पोषाहार उपलब्ध होते ही वितरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और एक सप्ताह के भीतर समस्त विवरण पोषण ट्रैकर पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जनपद में फिलहाल हॉट कुक फूड योजना संचालित नहीं की जा रही है। वहीं, जिले में विकसित किए जा रहे 83 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा विभिन्न केंद्रों पर निर्माण और विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देशित किया कि पोषण ट्रैकर पर लाभार्थियों के वजन एवं गर्भवती महिलाओं की एएनसी संबंधी डाटा प्रविष्टि शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वजन मापन में आने वाली लॉजिस्टिक समस्याओं की सूची तैयार कर तत्काल जिला कार्यक्रम कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र महिलाओं को जल्द से जल्द योजना का लाभ दिलाया जाए और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। साथ ही सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी संबंधित कार्यदायी संस्था को दिए गए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि जिले में पोषण, मातृ स्वास्थ्य और बाल विकास योजनाओं को तकनीक आधारित मॉनिटरिंग के जरिए और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि हर पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।।
