गौतमबुद्धनगर में दर्दनाक हादसा: स्कूल बस से उतरते ही 5 साल की मासूम को कुचला, चालक फरार — सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
ग्रेटर नोएडा/दनकौर,
दो टूक//ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां स्कूल से घर लौट रही 5 वर्षीय मासूम बच्ची की स्कूल बस की चपेट में आकर मौत हो गई। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया, जबकि घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बस से उतरते ही मौत बनकर दौड़ी बस
मृतक बच्ची की पहचान रोशनपुर गांव निवासी अरुण शर्मा की बेटी भूमि के रूप में हुई है, जो तालड़ा गांव स्थित एक निजी स्कूल में पहली कक्षा की छात्रा थी। परिजनों के अनुसार, गुरुवार दोपहर छुट्टी के बाद भूमि रोज की तरह स्कूल बस से घर लौटी थी। आरोप है कि बस से उतरते ही चालक ने बिना यह सुनिश्चित किए कि बच्ची सुरक्षित है, बस आगे बढ़ा दी। इसी दौरान मासूम बस के पिछले पहिये की चपेट में आ गई और गंभीर रूप से घायल हो गई।
आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने आनन-फानन में बच्ची को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
हेल्पर नहीं होने से बढ़ा हादसे का खतरा
घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और बस चालक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बस में चालक के अलावा कोई हेल्पर मौजूद नहीं था, जबकि छोटे बच्चों को सुरक्षित उतारने और सड़क पार कराने के लिए हेल्पर की तैनाती बेहद जरूरी होती है। परिजनों का आरोप है कि यदि बस में हेल्पर होता, तो यह हादसा टल सकता था।
चालक फरार, पुलिस जांच में जुटी
हादसे के तुरंत बाद चालक बस को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही दनकौर पुलिस मौके पर पहुंची और बस को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है और फरार चालक की तलाश जारी है। साथ ही स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था, बच्चों की निगरानी और नियमों के पालन को लेकर प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
यह हादसा सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए एक चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा में जरा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
