बरगी डैम में मौत का मंजर: तेज आंधी में पलटी क्रूज बोट, 9 की मौत — मां-बेटे की एक ही लाइफ जैकेट में मिली लाशों ने झकझोरा!!
दो टूक//जबलपुर (मध्य प्रदेश) — बरगी डैम के जलाशय में गुरुवार शाम हुआ भीषण क्रूज हादसा पूरे प्रदेश को गहरे सदमे में डाल गया है। नर्मदा नदी पर बने इस प्रमुख पर्यटन स्थल पर सैर के लिए निकली क्रूज बोट तेज आंधी और ऊंची लहरों की चपेट में आकर पलट गई। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
इस त्रासदी का सबसे दिल दहला देने वाला दृश्य तब सामने आया जब रेस्क्यू टीमों ने एक मां और उसके मासूम बेटे के शव एक ही लाइफ जैकेट में बंधे हुए बरामद किए। बताया जा रहा है कि आखिरी क्षणों में मां ने अपने बच्चे को बचाने की कोशिश में दोनों को एक साथ सुरक्षित करने का प्रयास किया—यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गया।
तेज हवाओं ने पलटी खुशियों की नाव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच खमरिया टापू के पास यह हादसा हुआ। राज्य पर्यटन विभाग से जुड़ी क्रूज बोट में लगभग 30 से अधिक पर्यटक सवार थे। अचानक 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी और उफनती लहरों के कारण बोट का संतुलन बिगड़ा और कुछ ही मिनटों में वह पानी में समा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हालात इतने भयावह थे कि यात्री चीखते-चिल्लाते हुए अपनी जान बचाने के लिए पानी में कूद पड़े।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, कई अब भी लापता
हादसे के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), SDRF, सेना, स्थानीय पुलिस और जल पुलिस की संयुक्त टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। अब तक 20 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि कई घायलों को जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डाइविंग टीम, ड्रोन और सोनार तकनीक की मदद से लापता लोगों की तलाश जारी है, हालांकि खराब विजिबिलिटी और चट्टानी क्षेत्र बचाव कार्य में बड़ी बाधा बने हुए हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, लोगों में आक्रोश
घटना की खबर फैलते ही जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। अस्पतालों और डैम किनारे अपने प्रियजनों की तलाश में जुटे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सोशल मीडिया पर भी इस हादसे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
लापरवाही के संकेत, जांच के आदेश
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं—जैसे क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना, लाइफ जैकेट की कमी या सही तरीके से वितरण न होना, और मौसम विभाग के अलर्ट की अनदेखी। बोट संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और घायलों के इलाज की घोषणा की है। साथ ही उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
यह हादसा राज्य में जल पर्यटन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील जलाशयों में पर्यटन गतिविधियों के लिए सख्त नियमों और मौसम निगरानी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
फिलहाल, बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं ताकि राहत कार्य प्रभावित न हो।
बरगी डैम का यह हादसा लंबे समय तक लोगों के दिलों में दर्द और सवाल दोनों छोड़ जाएगा।
