मंगलवार, 26 मई 2026

गौतमबुद्धनगर: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.10 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, म्यूल अकाउंट होल्डर गिरफ्तार!!

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गौतमबुद्धनगर: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.10 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, म्यूल अकाउंट होल्डर गिरफ्तार!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर की गई करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक म्यूल अकाउंट होल्डर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं और देशभर में इनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 को साइबर अपराधियों ने खुद को एनआईए (NIA) पुणे का अधिकारी बताकर पीड़ित से संपर्क किया। आरोपियों ने पीड़ित को यह कहकर डराया कि उसके आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते टेरर फंडिंग में इस्तेमाल हो रहे हैं और उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है। ठगों ने व्हाट्सएप के जरिए आरबीआई (RBI) के नाम से फर्जी लेटर और नकली वारंट भेजकर पीड़ित को मानसिक दबाव में लिया।

डर और भ्रम की स्थिति पैदा कर अपराधियों ने पीड़ित से अलग-अलग माध्यमों से कुल 2 करोड़ 10 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले की शिकायत मिलने पर थाना साइबर क्राइम में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। इस केस में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए हरियाणा के चरखी दादरी निवासी 26 वर्षीय अमन कुमार को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि आरोपी के बैंक खाते में इस साइबर ठगी से जुड़े करीब 2.20 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। आरोपी का खाता साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों के बैंक खातों से जुड़े मामले उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में दर्ज हैं। इससे अंदेशा है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होकर लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर ठगी का शिकार बना रहा था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमन कुमार पुत्र संजय कुमार निवासी जिला चरखी दादरी, हरियाणा के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थाना साइबर क्राइम गौतमबुद्धनगर में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने लोगों से अपील की है कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी किसी भी बात पर भरोसा न करें। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करती। यदि कोई खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर डराने की कोशिश करे तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

साइबर पुलिस ने लोगों को यह भी चेतावनी दी है कि लालच या कमीशन के बदले किसी को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या मोबाइल नंबर इस्तेमाल करने के लिए न दें, क्योंकि ऐसे खाते “म्यूल अकाउंट” बनकर साइबर अपराध में इस्तेमाल हो सकते हैं और खाताधारक को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।।