बुधवार, 29 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में जनसमस्याओं पर गरजा सिटीजन फोरम: शालिनी सिंह ने उठाई SIT जांच, अवैध निर्माण और प्रदूषण की गंभीर आवाज!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा में जनसमस्याओं पर गरजा सिटीजन फोरम: शालिनी सिंह ने उठाई SIT जांच, अवैध निर्माण और प्रदूषण की गंभीर आवाज!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। शहर की जमीनी समस्याओं को लेकर एक बार फिर सामाजिक संस्था नोएडा सिटीजन फोरम ने प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है। बुधवार को नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने बेबाक अंदाज में जनहित से जुड़े कई गंभीर मुद्दों को उठाते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर तीखा प्रहार किया और त्वरित व पारदर्शी कार्रवाई की मांग की।

शालिनी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी शहर की पहचान उसकी व्यवस्थाओं और नागरिकों के जीवन स्तर से होती है, लेकिन नोएडा में बुनियादी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि फोरम लंबे समय से जनहित के मुद्दों को उठा रहा है, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियों की उदासीनता चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब “मौन नहीं, जवाबदेही” का समय है।

 SIT जांच पर उठाए गंभीर सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे प्रमुख मुद्दा सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की संदिग्ध मौत का रहा। शालिनी सिंह ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित SIT की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा के बजाय करीब तीन महीने में रिपोर्ट देना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया, जबकि उच्च अधिकारियों की भूमिका को नजरअंदाज किया गया।
फोरम ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को निष्पक्ष न्याय मिलना चाहिए।

 अवैध बैंक्वेट हॉल पर सख्त कार्रवाई की मांग

शहर में तेजी से बढ़ रहे अवैध बैंक्वेट हॉल और बारात घरों को लेकर भी फोरम ने कड़ा रुख अपनाया। शालिनी सिंह ने कहा कि जिन भवनों को पहले ही अवैध घोषित किया जा चुका है, वहां कार्यक्रम आयोजित होना प्रशासन की विफलता है।
उन्होंने मांग की कि ऐसे भवनों को तत्काल सील कर ध्वस्तीकरण तक बंद रखा जाए और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी या जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रम ऐसे अवैध स्थलों पर नहीं होने चाहिए, क्योंकि इससे शासन की छवि धूमिल होती है।

 पर्यावरण संकट पर जताई गहरी चिंता

सेक्टर-145 सहित कई इलाकों में अवैध डंपिंग ग्राउंड में लग रही आग को लेकर शालिनी सिंह ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे निकलने वाला धुआं लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
फोरम ने सभी अवैध डंपिंग साइट्स को तुरंत बंद करने और कचरा प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक एवं स्थायी व्यवस्था लागू करने की मांग की।

 पेयजल और सीवर समस्या पर प्रशासन घिरा

शहर में पेयजल संकट को लेकर भी फोरम ने नाराजगी जताई। शालिनी सिंह ने कहा कि कई सेक्टर, गांव और सोसाइटी लंबे समय से स्वच्छ पानी से वंचित हैं, जो नागरिकों का मूल अधिकार है।
उन्होंने जल गुणवत्ता की नियमित जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
इसके साथ ही पुरानी और जर्जर सीवर लाइनों को बदलने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सीवर जाम की समस्या से लोग बेहद परेशान हैं और कई जगह गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है।

 “न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान”

अपने प्रभावशाली संबोधन के अंत में शालिनी सिंह ने प्रशासन को चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यदि जनसमस्याओं का समाधान पारदर्शिता और समयबद्धता से नहीं किया गया, तो फोरम लापरवाह अधिकारियों की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाएगा।
उन्होंने कहा, “न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है — और अब जनता अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना जानती है।”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में फोरम के महासचिव प्रशांत त्यागी, सचिव गरिमा त्रिपाठी, गिरीश कपूर, मधु मेहरा, छाया राय, प्रदीप यादव, रेणु बाला शर्मा, ज्योत्सना पमनानी एवं एडवोकेट कमल कौशिक सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।