बुधवार, 15 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा हिंसा में बड़ा खुलासा: सोशल मीडिया साजिश के तार, RJD प्रवक्ताओं पर FIR, 300 से अधिक हिरासत में!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा हिंसा में बड़ा खुलासा: सोशल मीडिया साजिश के तार, RJD प्रवक्ताओं पर FIR, 300 से अधिक हिरासत में!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर भड़की हिंसा के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की घटनाओं के बीच अब तक 300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि पूरे मामले में 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

सोशल मीडिया एंगल से जांच में बड़ा मोड़

जांच के दौरान सामने आए नए खुलासे ने मामले को और गंभीर बना दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की दो राष्ट्रीय प्रवक्ताओं—प्रियंका भारती और कंचना यादव—के खिलाफ भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो साझा कर माहौल को भड़काने का प्रयास किया।

पुलिस के अनुसार, मध्य प्रदेश की एक घटना का वीडियो नोएडा का बताकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खासकर X (पूर्व में ट्विटर), पर प्रसारित किया गया। इससे लोगों में भ्रम, भय और अविश्वास का माहौल बना। अधिकारियों का मानना है कि यह एक सुनियोजित प्रयास था, जिसका उद्देश्य पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाना और हालात को और तनावपूर्ण बनाना था।

आईटी एक्ट और BNS के तहत केस दर्ज

इस मामले में संबंधित प्रवक्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(1)(b) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 व 66D के तहत केस दर्ज किया गया है। साथ ही अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स—जिनमें X अकाउंट @ItsKtyni और फेसबुक प्रोफाइल ‘जितेंद्र शर्मा दौसा’ शामिल हैं—पर भी अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि करीब 7 व्हाट्सएप ग्रुप और 25 संदिग्ध बॉट अकाउंट्स के जरिए अफवाहें फैलाने का काम किया गया। पुलिस अब इस पूरे डिजिटल नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

वेतन वृद्धि की मांग से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, पूरा मामला उस समय शुरू हुआ जब औद्योगिक इकाइयों के श्रमिक वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। पुलिस द्वारा प्रदर्शन को नियंत्रित करने की कोशिश के दौरान स्थिति बिगड़ गई और प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच झड़प हो गई। देखते ही देखते विरोध हिंसक रूप ले बैठा।

भीड़ ने कई जगह पुलिस वाहनों पर पथराव किया और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हालात पर काबू पा लिया।

सुरक्षा व्यवस्था सख्त, उच्च स्तरीय जांच जारी

स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल के साथ PAC और RAF की तैनाती की गई है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन भी किया है, जो यह पता लगाएगी कि हिंसा के पीछे किन लोगों और संगठनों की भूमिका रही।

पुलिस का कहना है कि यह भी जांच का विषय है कि प्रदर्शन स्वतःस्फूर्त था या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश काम कर रही थी।

पुलिस का सख्त संदेश

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फर्जी खबरें फैलाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।