मऊ :
मोबाइल चोरी करने गिरोह के तीन शातिर चोर गिरफ्तार ,माल व नगदी बरामद।
दो टूक : मऊ जनपद के थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा तीन शातिर अन्तर्राज्यीय चोर गिरफ्तार किया, कब्जे से कुल तीन अदद चोरी के मोबाइल फोन व चोरी के मोबाइल की बिक्री के प्राप्त एक लाख दस हजार रूपये नगद बरामद।
विस्तार :
मऊ पुलिस अधीक्षक जनपद मऊ कमलेश बहादुर के द्वारा 01 अप्रैल को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के अली बिल्डींग स्थित बालाजी टेलीकाम नामक मोबाइल की दुकान में सैकड़ों मोबाइल फोन की चोरी के घटना में शामिल अभियुक्तगण की शीघ्र गिरफ्तारी तथा चोरी गये मोबाइलों की बरामदगी करते हुए घटना का त्वरित एवं सफल अनावरण सुनिश्चित करने हेतु अभियान चलाया जा रहा था । इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक जनपद मऊ अनूप कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर जनपद मऊ कृश राजपूत के सहयोग व निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस , स्वाट / एसओजी व सर्विलांस टीम की कुल तीन टीमें गठित कर सतत सुरागरसी पतारसी किया जा रहा था । उक्त के क्रम में गठित टीम से प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह थाना कोतवाली नगर मऊ द्वारा स्वाट / एसओजी एवम् सर्विलांस टीम के सहयोग से लगातार सक्रिय रूप से संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग, संभावित स्थानों पर निगरानी तथा मुखबिर तंत्र के माध्यम से चोरी की घटनाओं में संलिप्त अभियुक्तगण की तलाश की जा रही थी। अभियान में विभिन्न स्थानों के करीब 103 सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन व परीक्षण करने के पश्चात अभियुक्त की पहचान होने पर मुखबिर खास मामूर किया गया था ।
08 अप्रैल को प्राप्त मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर थाना कोतवाली नगर पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर रेलवे स्टेशन के पास कार पार्किंग के पीछे सूनसान स्थान पर खड़े तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ लिया गया , पूछताछ में अभियुक्तगण ने अपना नाम क्रमशः 1. गौरीशंकर राजभर पुत्र स्व0 केदार राजभर निवासी ग्राम कठउत पोस्ट गौसपुर थाना मोहम्मदाबाद जनपद गाजीपुर उम्र करीब 47 वर्ष, 2. अब्दुल हाय पुत्र अबुजार शेख निवासी बोलटोला पोस्ट पीयरपुर थाना राधानगर जनपद साहिबगंज (झारखण्ड) उम्र करीब 24 वर्ष , 3. समीम अख्तर उर्फ राकेश पुत्र रईसुद्दीन शेख निवासी रामरामपुर थाना फरक्का जनपद मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) उम्र करीब 28 वर्ष बताया जिनकी जामा तलाशी में बालाजी टेलीकाम से चोरी किये गये कुल तीन अदद रेडमी कम्पनी के मोबाइल फोन व चोरी किये मोबाइलों के बिक्री किये हुए कुल एक लाख दस हजार रूपये नगद व चोरी गये मोबाइल फोन के 8 अदद खाली डिब्बे जो इन्होंने चोरी के बाद रेलवे स्टेशन के बाहर चाय की दुकान के पीछे झाड़ियों में फेंक दिये थे उनकी निशानदेही पर बरामद हुए । गिरफ्तार अभियुक्तगण के विरूद्ध थाना कोतवाली नगर पर मु0अ0सं0 98/2026 धारा 331(4)/305(a)/317(2)/111(2) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया है तथा अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं।
*अपराध का तरीका -*
गिरफ्तार अभियुक्तगण से एक साथ व अलग अलग पूछताछ की गयी तो पाया गया कि –
अभियुक्त (1) आलम शेख पुत्र मन्टू शेख निवासी अजरुद्दीन टोला पीयरपुर थाना राधानगर जनपद साहिबगंज झारखण्ड, (2) लिली बीबी पत्नी आलम शेख निवासी अजरुद्दीन टोला पीयरपुर थाना राधानगर जनपद साहिबगंज झारखण्ड, (3) अब्दुल हाय पुत्र अबुजार शेख निवासी बोलटोला पोस्ट पीयरपुर थाना राधानगर जनपद साहिबगंज झारखण्ड, (4) मासूमा खातून पत्नी ब्दुल हाय निवासी बोलटोला पोस्ट पीयरपुर थाना राधानगर, साहिबगंज (झारखण्ड) , (5) शमीम अख्तर उर्फ राकेश पुत्र रईसुद्दीन शेख निवासी रामरामपुर थाना फरक्का, मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) , तथा (6) गौरीशंकर राजभर पुत्र स्व0 केदार राजभर निवासी ग्राम कठउत पोस्ट गौसपुर थाना मोहम्मदाबाद, गाजीपुर ये सभी एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते हैं, जिसका सरगना आलम शेख पुत्र मन्टू शेख निवासी अजरुद्दीन टोला पीयरपुर थाना राधानगर जनपद साहिबगंज (झारखण्ड) है। ये लोग सुनियोजित तरीके से पहले लक्ष्य स्थल की रेकी करते हैं, फिर किराये के कमरों/सार्वजनिक स्थानों पर रुककर योजना बनाते हैं तथा अवसर पाकर चोरी/सेंधमारी की घटना को अंजाम देते हैं।
अभियुक्त गौरीशंकर राजभर की बहन बीमार थी, जिसका इलाज वह मऊ स्थित मंगलम हॉस्पिटल में करा रहा था, जिसमें काफी धन खर्च हुआ था। पूर्व में वह एक अन्य मुकदमे में गाजीपुर जेल में बन्द था, जहां उसकी मुलाकात पहले से बन्द आलम शेख से हुई और वहीं दोनों में मित्रता हो गयी। जेल से छूटने के बाद गौरीशंकर, आलम शेख के सम्पर्क में आकर उसके गिरोह में शामिल हो गया तथा अन्य पुराने साथियों से भी जुड़कर लगातार छिप-छिपकर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने लगा। आलम शेख द्वारा बड़े काम के बदले अधिक हिस्सेदारी का लालच दिया गया, जिस पर गौरीशंकर द्वारा मऊ में रेकी कर अली बिल्डिंग के सामने स्थित बालाजी टेलीकाम दुकान को चिन्हित किया गया, क्योंकि उसके पीछे खाली व सुनसान स्थान था। 30 मार्च को पूर्व योजना के अनुसार गिरोह के सभी सदस्य (पुरुष व महिलाएं) ट्रेन / बस से मऊ आये और दिन में उक्त दुकान की पुनः रेकी की। उसी रात सभी लोग स्टेशन के बाहर ही अलग-अलग स्थानों पर रुककर पूरी योजना को अंतिम रूप दिया 31 उ की रात्रि में अभियुक्त आलम शेख, शमीम अख्तर व अब्दुल हाय द्वारा अपने साथ लाये कटर, ग्राइंडर व रम्मा से दुकान की पिछली दीवार में सेंधमारी की गयी, जबकि गौरीशंकर राजभर व महिलाएं लिली बीबी व मासूमा खातून बाहर निगरानी करते रहे। कार्य पूर्ण न होने पर दीवार को बैनर/साइनबोर्ड से ढक दिया गया तथा सभी लोग यात्रियों के रूप में स्टेशन के पास अलग-अलग बैठ गये। 01 अप्रैल की सुबह अभियुक्तगण में से पुरुष सदस्यगण रोडवेज के पास स्थित विजय प्लाजा होटल में ठहरे, जबकि महिलाओं को पुनः रेकी व निगरानी के लिए लगा दिया गया। उसी रात पुनः योजना के अनुसार आलम शेख, शमीम अख्तर व अब्दुल हाय द्वारा दीवार को पूरी तरह काटकर दुकान में प्रवेश किया गया, सीसीटीवी केबिल काट दी गयी तथा दुकान में रखे नये मोबाइल फोन चोरी कर तीन बैगों में भर लिये गये। इस दौरान गौरीशंकर राजभर व महिलाएं लिली बीबी व मासूमा खातून बाहर निगरानी करने के बाद पूर्व निर्धारित स्थान पर स्टेशन के पास एकत्र हुए। घटना के पश्चात सभी अभियुक्तगण स्टेशन के पास मिले, जहां कुछ मोबाइल जो जल्दीबाजी में डिब्बे के साथ आ गये थे के डिब्बे हटाकर झाड़ियों में फेंक दिये गये व मोबाइलों को बैग में डाल दिया गया था। इसके बाद सभी लोग बस द्वारा मऊ से जमनिया होते हुए दिलदारनगर रेलवे स्टेशन पहुंचे जहां पर ब्रह्मपुत्र मेल से बरहरवा जाना था पर पुलिस चेकिंग के दौरान घबराहट में गौरीशंकर राजभर और अब्दुल हाय अपने अपने बैग छोड़कर भाग गये, जिसमें से एक बैग आलम शेख उठाकर ट्रेन में चढ़ गया और दूसरा अभियुक्त शमीम अख्तर उर्फ राकेश अपने बैग जिसमें मोबाइल था के साथ ट्रेन में चढ़ गया था महिलायें खाली हाथ गईं । चोरी के मोबाइलों से भरा एक बैग प्लेटफार्म पर ही छूट गया।
पूछताछ में अभियुक्तगण द्वारा यह भी बताया गया कि चोरी किये गये मोबाइलों का एक हिस्सा पश्चिम बंगाल में औने-पौने दाम पर बेच दिया गया, जिससे प्राप्त धनराशि लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये हुई, जिसे आपस में बांट लिया गया तथा कुछ खर्च कर दिया गया। शेष दो बैग मोबाइल को सरगना आलम शेख द्वारा मालदा पश्चिम बंगाल निवासी एक दलाल शमीम के माध्यम से बांग्लादेश भेजकर बिकवाये जाते हैं। प्राप्त धनराशि सीधे आलम शेख द्वारा अपने खातों में न लेकर विभिन्न माध्यमों से अपने गिरोह के सदस्यों के खाते विशेषकर गौरीशंकर राजभर के खाते में पहुंचायी जाती है।
*गिरफ्तार अभियुक्तगण –*
1. गौरीशंकर राजभर पुत्र स्व0 केदार राजभर निवासी ग्राम कठउत पोस्ट गौसपुर थाना मोहम्मदाबाद, गाजीपुर
2. अब्दुल हाय पुत्र अबुजार शेख निवासी बोलटोला पोस्ट पीयरपुर थाना राधानगर, साहिबगंज (झारखण्ड)
3. शमीम अख्तर उर्फ राकेश पुत्र रईसुद्दीन शेख निवासी रामरामपुर थाना फरक्का, मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल)
*बरामदगी का विवरण -*
1. चोरी के तीन अदद रेडमी कम्पनी के टच स्क्रीन मोबाइल फोन
2. चोरी के मोबाइलों की बिक्री से प्राप्त हिस्से के कुल रूपये 1,10,000/- (एक लाख दस हजार रूपये मात्र)
3. 08 अदद मोबाइल के खाली डिब्बे, अभियुक्तों के व्यक्तिगत मोबाइल फोन, पर्स, आधार कार्ड [रेडक्टेड] व अन्य सामग्री
*गिरफ्तारी का दिनांक समय व स्थान – 08 अप्रैल
समय 6.25 बजे
स्थान – मऊ रेलवे स्टेशन के पास थाना कोतवाली नगर जनपद मऊ।
*आपराधिक इतिहास अभियुक्त गौरी शंकर राजभर –*
1. मु0अ0सं0 378/20, धारा 406/506 भा.दं.वि. थाना मोहम्मदाबाद जनपद गाजीपुर
2. मु0अ0सं0 262/22 धारा 302/201 भादवि थाना मोहम्मदाबाद जनपद गाजीपुर
3. मु0अ0सं0 98/2026 धारा 331(4)/305(a)/317(2)/111(2) बीएनएस थाना कोतवाली नगर जनपद मऊ
*नोट –* अभियुक्तगण अब्दुल हाय और शमीम अख्तर के विरूद्ध उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त अन्य प्रान्तों में गम्भीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत हैं जिनकी जानकारी की जा रही है ।
