लखनऊ :
मोहनलालगंज तहसील में भ्रष्टाचार के आरोपों से मचा हड़कंप, शिकायतों की बाढ़।
दो टूक : लखनऊ के मोहनलालगंज तहसील के रजिस्ट्रार कानूनगो और खतौनी सेक्शन में तैनात कर्मचारियों पर मनमानी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगने से हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश तिवारी ने आरोप लगाया कि बिना “खर्चा” दिए खतौनी सेक्शन में तैनात कर्मचारी परवाने दर्ज नहीं करते हैं, जिससे किसानों को बार-बार अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
विस्तार :
गौरतलब हो कि तहसील मोहनलालगंज में शनिवार को अधिवक्ता उमेश तिवारी ने करीब दो दर्जन दाखिल-खारिज आदेशों की छायाप्रति संलग्न कर तहसीलदार ऋतुराज शुक्ल को कर्मचारियों की कार्यशैली से अवगत कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार ने रजिस्ट्रार कानूनगो को जांच सौंपते हुए रिपोर्ट तलब की है।
◆ अधिवक्ता प्रदीप कुमार और अशोक कुमार ने भी तहसील कर्मचारियों पर जमीनों को अकृषिक घोषित करने के नाम पर घूस मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद तहसील प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
◆ गौरा की कुसुम पाण्डेय ने घर के पास ट्रांसफॉर्मर और लाइन होने के बावजूद बिजली कनेक्शन के लिए 55 हजार रुपये से अधिक का एस्टीमेट थमाए जाने की शिकायत की है।
◆वहीं भटवारा ग्राम प्रधान सुनील कुमार ने गांव में कई महीनों से टूटे पड़े तीन बिजली पोल न बदले जाने की समस्या उठाई है।
तहसीलदार ऋतुराज शुक्ल ने दोनों विद्युत संबंधी मामलों में संबंधित एसडीओ को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
