गौतमबुद्धनगर: श्रमिकों के स्वास्थ्य पर जिला प्रशासन का बड़ा फोकस, औद्योगिक क्षेत्रों में लगेंगे विशेष मेडिकल कैंप!!
डीएम की स्वास्थ्य विभाग और निजी अस्पतालों संग बैठक, मोबाइल मेडिकल वैन व मिनी ओपीडी की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश
दो टूक// गौतमबुद्धनगर, 18 अप्रैल 2026।
जनपद में श्रमिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ी पहल शुरू की है। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और निजी अस्पताल संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि गौतमबुद्धनगर प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है, जहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयों में लाखों श्रमिक कार्यरत हैं। ऐसे में श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और जीवन स्तर को बेहतर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में श्रमिकों के लिए आवास, स्वास्थ्य, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लगातार कार्य किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने निजी अस्पताल संचालकों से अपील की कि वे अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत औद्योगिक क्षेत्रों, कंस्ट्रक्शन साइट्स और लेबर कॉलोनियों में नियमित मेडिकल कैंप आयोजित करें। उन्होंने विशेष रूप से महिला श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि इन कैंपों में नेत्र परीक्षण, ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए मिनी ओपीडी, मोबाइल मेडिकल वैन और नेत्र जांच शिविर आयोजित कर जरूरतमंदों को चश्मा उपलब्ध कराने तथा मोतियाबिंद के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम कर रहे श्रमिकों के लिए भी नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने और मोबाइल मेडिकल सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी निजी अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाते हुए अपना माइक्रो प्लान तैयार करें और एक-एक नोडल अधिकारी नामित करें, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी और जिम्स अस्पताल में डॉक्टरों, दवाइयों और उपकरणों की कोई कमी न रहे। जहां भी कमी हो, उसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।
इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिक से अधिक अस्पतालों को पैनल में शामिल करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर उपचार का लाभ मिल सके।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी टीकम सिंह, संजीव श्रीवास्तव, जिला क्षय रोग अधिकारी आरपी सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी श्रुति कीर्ति वर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।।
