मंगलवार, 7 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: घंघोला गैस एजेंसी पर डीएम का औचक छापा, अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी—पारदर्शिता और सुरक्षा के कड़े निर्देश!!

शेयर करें:


गौतमबुद्धनगर: घंघोला गैस एजेंसी पर डीएम का औचक छापा, अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी—पारदर्शिता और सुरक्षा के कड़े निर्देश!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

स्टॉक से लेकर सीसीटीवी तक की जांच, गोदाम प्रभारी की देरी पर फटकार—सुरक्षा के लिए पुलिस तैनाती के निर्देश

दो टूक// गौतमबुद्धनगर, 07 अप्रैल 2026:
जिलाधिकारी ने मंगलवार को तहसील सदर के ग्राम घंघोला स्थित शिव साईं एचपी गैस एजेंसी पर औचक निरीक्षण कर गैस वितरण व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान कई कमियां सामने आने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि गैस वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एजेंसी में उपलब्ध गैस सिलेंडरों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया। सिलेंडरों की संख्या, उनकी क्षमता और रिकार्ड का मिलान कर रजिस्टरों के रख-रखाव की स्थिति भी जांची गई। इस दौरान कई रजिस्टरों के संधारण में लापरवाही के संकेत मिले, जिस पर संबंधित अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए गए।

डीएम ने गैस सिलेंडरों के परिवहन में लगे ट्रकों की भी जांच की और सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जानकारी ली। वहीं, गोदाम प्रभारी के देरी से पहुंचने और व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की।

एजेंसी में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया और उन्हें पूरी तरह क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर निगरानी रखी जा सके। इसके साथ ही एजेंसी पर पर्याप्त पुलिस बल न होने पर चौकी इंचार्ज को तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, सुरक्षा और उपभोक्ताओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी अभिलेख व्यवस्थित और सुरक्षित रखे जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी जांच की जा सके और उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

इस दौरान उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता, एजेंसी प्रबंधन और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

वाणिज्यिक गैस आपूर्ति को लेकर भी निर्देश
इससे पहले प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का हवाला देते हुए बताया गया कि जनपद में वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल निर्धारित कोटे के 70 प्रतिशत तक ही की जा रही है। यह सुविधा केवल उन संस्थाओं और उपभोक्ताओं को दी जाएगी जिन्होंने पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया है।

प्रशासन ने सभी व्यावसायिक उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने पिछले वर्ष के गैस उपयोग का विवरण और पीएनजी आवेदन का प्रमाण संबंधित गैस कंपनियों को ईमेल के माध्यम से उपलब्ध कराएं, ताकि आपूर्ति प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।

निष्कर्ष:
डीएम के इस औचक निरीक्षण ने साफ कर दिया है कि जनपद में गैस वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त मोड में है। पारदर्शिता और उपभोक्ता हितों से समझौता करने वालों पर जल्द ही कार्रवाई की गाज गिर सकती है।।