गौतमबुद्धनगर: प्राक्कलन समिति की सख्ती: विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
गौतमबुद्धनगर, 23 अप्रैल 2026।
उत्तर प्रदेश की अठारहवीं विधानसभा की प्राक्कलन समिति (वर्ष 2025-26) की प्रथम उप समिति की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को विकास भवन के सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता माननीय सभापति मुकेश चौधरी ने की, जिसमें जनपद के विभिन्न विभागों की योजनाओं, बजटीय प्रावधानों और कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान सभापति ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
सड़कों से लेकर सफाई तक—हर मोर्चे पर सख्त निर्देश
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए सभापति ने सड़कों को गड्ढामुक्त, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता न करने और तय समयसीमा में कार्य पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
औद्योगिक विकास प्राधिकरणों—नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना—को साफ-सफाई व्यवस्था मजबूत करने, कूड़ा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था बनाने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जल निकासी तंत्र को दुरुस्त करने, एसटीपी प्लांट की क्षमता बढ़ाने और आधुनिक तकनीक के उपयोग को भी अनिवार्य बताया।
स्वास्थ्य सेवाओं और राशन व्यवस्था पर फोकस
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान आयुष्मान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को शीघ्र कार्ड उपलब्ध कराने और बेहतर उपचार सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं खाद्य एवं रसद विभाग को राशन और गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के निर्देश मिले।
खाद्य विपणन अधिकारियों को किसानों के लिए क्रय केंद्रों पर पेयजल, छाया और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
सिंचाई, स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण विकास पर जोर
सिंचाई विभाग को नहरों की पटरी पर सड़कों की मरम्मत शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए। वहीं एनआरएलएम के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उनके उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन और आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने पर बल दिया गया।
जनप्रतिनिधियों से समन्वय और त्वरित समाधान पर बल
सभापति ने सभी विभागों को जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर जनता की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने भरोसा दिलाया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी।
निष्कर्ष:
प्राक्कलन समिति की इस बैठक ने साफ कर दिया है कि सरकार विकास कार्यों में लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। अब देखना होगा कि जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का कितना प्रभावी क्रियान्वयन होता है।।
