गौतमबुद्धनगर: प्राधिकरण नदारद, बुलडोजर नहीं पहुँचा—गढ़ी चौखंडी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फेल, पुलिस खाली हाथ लौटी!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//नोएडा के थाना फेस-3 क्षेत्र स्थित गढ़ी चौखंडी गांव के डूब क्षेत्र में प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां अवैध अतिक्रमण हटाने की पूरी तैयारी के बावजूद कार्रवाई शुरू ही नहीं हो सकी। भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) की तैनाती के बाद भी नोएडा प्राधिकरण की टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे पूरा अभियान अधूरा रह गया।
जानकारी के मुताबिक, हिंडन नदी के फ्लडप्लेन में भू-माफियाओं द्वारा किए गए अवैध कब्जों और निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाने की योजना बनाई थी। इसके तहत सुबह से ही क्षेत्र में पुलिस और पीएसी की तैनाती कर दी गई थी, ताकि किसी भी विरोध या तनाव की स्थिति से निपटा जा सके।
हालांकि, सुरक्षा के इतने व्यापक इंतजामों के बावजूद कार्रवाई के लिए जरूरी प्राधिकरण का प्रवर्तन दस्ता और बुलडोजर मौके पर नहीं पहुंचे। पुलिस बल लंबे समय तक अधिकारियों और मशीनरी का इंतजार करता रहा, लेकिन जब कोई टीम नहीं आई तो अंततः बिना कार्रवाई के ही वापस लौटना पड़ा।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक समन्वय की गंभीर कमी को उजागर कर दिया है। एक ओर जहां सरकारी संसाधनों और समय की बर्बादी हुई, वहीं दूसरी ओर अतिक्रमणकारियों के हौसले भी बुलंद नजर आए।
नोटिसों तक सिमटी कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण पहले भी इस इलाके में अवैध कॉलोनियों और बहुमंजिला इमारतों के खिलाफ नोटिस जारी कर चुका है और कुछ निर्माणों को सील भी किया गया था। लेकिन विभागों के बीच तालमेल की कमी के चलते जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
बड़े सवाल
- जब पुलिस और पीएसी समय पर पहुंच सकती है तो प्राधिकरण क्यों नहीं?
- क्या केवल नोटिस जारी करना ही कार्रवाई माना जाएगा?
- क्या भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने में प्रशासन गंभीर है?
गढ़ी चौखंडी की यह घटना साफ संकेत देती है कि यदि विभागों के बीच बेहतर समन्वय नहीं हुआ, तो अवैध अतिक्रमण पर रोक लगाना महज कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगा।।
