मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में श्रमिक आंदोलन के बाद हाई अलर्ट: अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा, साजिश के संकेतों की जांच तेज!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा में श्रमिक आंदोलन के बाद हाई अलर्ट: अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा, साजिश के संकेतों की जांच तेज!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा, 14 अप्रैल 2026। औद्योगिक क्षेत्र नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बाद प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क मोड में आ गए हैं। हालात को नियंत्रित करने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और पुलिस लगातार प्रदर्शनकारी श्रमिकों को शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर, सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती, दो X हैंडल्स पर FIR

पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर भ्रामक और उत्तेजक सूचनाएं प्रसारित करने के मामले में अब तक दो हैंडल्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इसके अलावा 50 से अधिक ऐसे संदिग्ध हैंडल्स चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें पिछले 24 घंटों में ही बनाया गया और जिनका उद्देश्य श्रमिक आंदोलन को लेकर भ्रम फैलाना और माहौल को भड़काना प्रतीत होता है।

प्राथमिक जांच में यह एक संगठित षड्यंत्र की ओर इशारा करता है। इन सभी संदिग्ध खातों के डिजिटल ट्रेल की गहन जांच अब उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी तरह के दुष्प्रचार पर कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

हिंसा भड़काने वाले तत्वों पर कार्रवाई, 5-6 संदिग्ध हिरासत में

पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने सुनियोजित तरीके से इस आंदोलन को हिंसक मोड़ देने का प्रयास किया। करीब 5 से 6 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिन पर आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं। इन लोगों ने न केवल प्रदर्शन को हाईजैक किया, बल्कि श्रमिकों को उकसाकर हालात को बिगाड़ने की कोशिश भी की।

उपद्रवियों द्वारा किए गए पथराव, आगजनी और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के बाद पूरे नोएडा में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

श्रम मंत्री का बयान: “बड़ी साजिश के संकेत”

उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए कहा कि यह मामला एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। उन्होंने दावा किया कि मेरठ और नोएडा में हुई गिरफ्तारियों के तार विदेशी हैंडलर्स से जुड़े हो सकते हैं।

मंत्री ने श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी भ्रामक प्रचार या भारत विरोधी तत्वों के बहकावे में न आएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार श्रमिकों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और उनकी हर जायज मांग पर विचार किया जाएगा।

सरकार का संदेश: संवाद के लिए दरवाजे खुले

श्रम मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ‘श्रमेव जयते’ की भावना के साथ श्रमिकों के हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है ताकि श्रमिकों से सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।

शांति बनाए रखने की अपील

प्रशासन और सरकार ने संयुक्त रूप से श्रमिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिए ही संभव है, और इसके लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।

निष्कर्ष:

नोएडा में जारी श्रमिक आंदोलन अब केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसमें डिजिटल दुष्प्रचार और संभावित साजिश के पहलुओं की भी जांच तेज हो गई है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और सरकार-श्रमिक संवाद इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेंगे।